1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. जासूस मामला: ब्रिटेन पर बुरी तरह भड़का रूस, उठाने जा रहा है यह बड़ा कदम

जासूस मामला: ब्रिटेन पर बुरी तरह भड़का रूस, उठाने जा रहा है यह बड़ा कदम

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 16, 2018 04:08 pm IST,  Updated : Mar 16, 2018 04:08 pm IST

पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रीपल और उनकी बेटी यूलिया को ब्रिटिश शहर सैलिसबरी में विषाक्त पदार्थ दिए जाने के मामले में ब्रिटेन और रूस के बीच बुरी तरह ठन गई है...

Sergey Lavrov | AP Photo- India TV Hindi
Sergey Lavrov | AP Photo

अस्ताना: पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रीपल और उनकी बेटी यूलिया को ब्रिटिश शहर सैलिसबरी में विषाक्त पदार्थ दिए जाने के मामले में ब्रिटेन और रूस के बीच बुरी तरह ठन गई है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को कहा कि मॉस्को, ब्रिटेन के राजनयिकों को निष्कासित करेगा। इससे पहले लंदन ने पूर्व डबल एजेंट सर्गेई स्क्रीपल को जहर देने के मामले में रूस के 23 राजनयिकों को बाहर कर दिया था। लावरोव ने कहा, ‘निश्चित ही हम ऐसा करेंगे।’ उनसे पूछा गया था कि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे द्वारा रूसी अधिकारियों के निष्कासन की घोषणा पर क्या रूस प्रतिक्रिया देगा।

ईरान और तुर्की के विदेश मंत्रियों के साथ सीरिया पर आधारित वार्ता के बाद लावरोव ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में यह बात कही। रूस के विदेश मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि मॉस्को इसके जवाब में जल्द ही ब्रिटेन के राजनयिकों को निकालेगा। उन्होंने कहा कि स्क्रीपल को निशाना बनाने का उनके देश का कोई इरादा नहीं है। हालांकि उन्होंने संकेत दिए कि कोई और जहर देने की घटना के सहारे विश्व में जटिलता पैदा करने की कोशिश कर सकता है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता दमित्री पेसकेव ने पहले कहा था व्लादिमीर पुतिन अंतत: वही विकल्प अपनाएंगे जो ‘मास्को के हितों के लिए सबसे अच्छा होगा।’

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका ने बृहस्पतिवार को एक दुर्लभ संयुक्त वक्तव्य जारी कर स्क्रीपल और उनकी बेटी यूलिया पर हमले की निंदा की थी और इसे ‘यूनाइटेड किंगडम की संप्रभुता पर हमला’ बताया था। सोवियत में बने रसायन नोविचोक के संपर्क में आने पर 4 मार्च को स्क्रीपल और उनकी बेटी की तबियत खराब हो गई थी। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ब्रिटिश खुफिया एजेंसी M16 को जानकारी देने के आरोप में स्क्रीपल रूसी सरकार द्वारा दोषी ठहराए गए थे। साल 2010 में जासूसों की अदला-बदली के दौरान उन्होंने ब्रिटेन में शरण ली। रूस ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश