1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. डोकलाम विवाद पर चीन के सुर में सुर मिलाने लगा भूटान, दिया ये विवादित बयान

डोकलाम विवाद पर चीन के सुर में सुर मिलाने लगा भूटान, दिया ये विवादित बयान

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Mar 31, 2023 09:34 pm IST,  Updated : Mar 31, 2023 11:48 pm IST

भूटान अब चीन के पक्ष में बयान दे रहा है। भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने कहा कि डोकलाम विवाद को हल करने में चीन की भी समान भूमिका है। उनके हालिया बयान इस विवादित और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र पर भूटान के बदलते पक्ष को दिखाते हैं।

डोकलाम विवाद पर चीन के सुर में सुर मिलाने लगा भूटान, दिया ये विवादित बयान - India TV Hindi
डोकलाम विवाद पर चीन के सुर में सुर मिलाने लगा भूटान, दिया ये विवादित बयान Image Source : FILE

भारत का पड़ोसी देश भूटान भी डोकलाम विवाद में चीन के सुर में सुर मिलाने लगा है। जिस भूटान के लिए भारत ने चीन के साथ 72 दिनों तक फौजें खड़ी कर दी थीं, वही भूटान अब चीन के पक्ष में बयान दे रहा है। भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने कहा कि डोकलाम विवाद को हल करने में चीन की भी समान भूमिका है। उनके हालिया बयान इस विवादित और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र पर भूटान के बदलते पक्ष को दिखाते हैं।

इससे पहले भूटान ने दावा किया था कि चीन ने उसकी सीमा में कोई गांव नहीं बसाया है। डोकलाम भारत, चीन और भूटान तीनों देशों को जोड़ने वाला केंद्र बिंदु है। साल 2017 के डोकलाम गतिरोध के बाद से यह तीनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण रहा है।

एक विदेशी मीडिया को दिए एक हालिया इंटरव्यू में शेरिंग ने कहा कि ‘समस्या को हल करना अकेले भूटान के हाथ में नहीं है। हम तीन देश हैं। कोई मुल्क बड़ा या छोटा नहीं है, तीनों समान हैं। प्रत्येक की गिनती एक तिहाई के रूप में होती है।‘ 

चीन ने डोकलाम के पास भूटान के क्षेत्र में गांवों और सड़कों का निर्माण किया है जो क्षेत्र में भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। भारत डोकलाम में चीन के विस्तार का विरोध करता है और अपने रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर के लिए इसे सबसे बड़ा खतरा मानता है।

क्या है चीन की मंशा

शेरिंग का बयान दिखाता है कि भूटान भारत और चीन के साथ डोकलाम की स्थिति पर बातचीत करने और विवाद को हल करने में इच्छुक है। चीन का लक्ष्य ट्राई.जंक्शन को दक्षिण की ओर शिफ्ट करना है जिससे पूरा डोकलाम कानूनी रूप से चीन का हिस्सा बन जाएगा। भारत इस कदम का विरोध करता है।

2017 में 72 दिनों तक चला था डोकलाम विवाद

2017 में भारतीय सैनिकों ने डोकलाम पठार में प्रवेश किया था ताकि चीन को माउंट जिपमोची और आसपास के झम्फेरी रिज की ओर अवैध रूप से निर्मित सड़क का विस्तार करने से रोका जा सके। भारतीय सेना का दावा है कि चीनी सेना को झम्फेरी तक पहुंचने दिया गया तो उन्हें सिलीगुड़ी कॉरिडोर के लिए एक ‘साफ रास्ता‘ मिल जाएगा।

Also Read:

बदला जंग का तरीका, लड़ाकू विमानों की जगह ले रहे जंगी Drone, रूसी ड्रोन ने मार गिराया यूक्रेन का फाइटर जेट

पाई-पाई को मोहताज पाकिस्तान, देश चलाने की खातिर इस देश को सौंप देगा तीन खास हवाई अड्डे

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश