फोज डो इगुआसु (ब्राजील): वेनेजुएला पर हमले की योजना बना रहे अमेरिका को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डी-सिल्वा ने बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप 'मानवीय आपदा' का कारण बनेगा और दुनिया के लिए 'खतरनाक मिसाल' कायम करेगा। मर्कोसुर ब्लॉक के शिखर सम्मेलन में उद्घाटन भाषण के दौरान लुला ने यह बयान दिया, जहां दक्षिण अमेरिकी देशों के नेता एकत्र हुए थे।
अमेरिका-वेनेजुएला में चरम पर तनाव
लूला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के निकोलस मादुरो सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं। ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल टैंकरों पर 'नाकाबंदी' लगाई है और युद्ध की संभावना से इनकार नहीं किया। लुला ने 1982 के फॉकलैंड्स युद्ध (ब्रिटेन-अर्जेंटीना के बीच) का जिक्र करते हुए कहा, "फॉकलैंड्स युद्ध के चार दशक बाद दक्षिण अमेरिकी महाद्वीक फिर किसी क्षेत्र-बाहरी शक्ति की सैन्य उपस्थिति से प्रभावित हो रहा है।"लुला ने जोर देकर कहा कि वेनेजुएला में सशस्त्र हस्तक्षेप पूरे गोलार्ध के लिए मानवीय आपदा होगा और वैश्विक स्तर पर खतरनाक मिसाल कायम करेगा। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा की वकालत की।
ब्राजील के उत्तरी सीमा पर बढ़ते संकट से चिंतित लुला ने मध्यस्थता की पेशकश भी दोहराई। सम्मेलन में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने लुला के बयान से उलट रुख अपनाया। मिलेई ने ट्रंप की कठोर नीति की तारीफ की और मर्कोसुर से मादुरो शासन की निंदा करने की मांग की। इससे दोनों नेताओं के बीच खुली बहस हुई, जो वैचारिक मतभेदों को उजागर करती है। मर्कोसुर (ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे, पराग्वे, बोलीविया) के सम्मेलन में यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते पर भी चर्चा हुई, लेकिन इसे जनवरी तक टाल दिया गया। सम्मेलन के संयुक्त बयान में लैटिन अमेरिकी नेताओं ने वेनेजुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीकों की प्रतिबद्धता जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि लुला का बयान क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा करने वाला है, जबकि ट्रंप की नीति से तनाव बढ़ सकता है। वेनेजुएला संकट दक्षिण अमेरिका की एकता की परीक्षा ले रहा है। यह घटना वैश्विक स्तर पर हस्तक्षेप बनाम संप्रभुता की बहस को फिर से जीवंत कर रही है।
संपादक की पसंद