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अमेरिका को न्यूक्लियर डेटा लीक करने का आरोप, घेरे में चीन का टॉप जनरल; शुरू हुई जांच

 Published : Jan 26, 2026 01:04 pm IST,  Updated : Jan 26, 2026 01:04 pm IST

चीन में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। चीन के परमाणु हथियारों से जुड़े डेटा अमेरिका को लीक करने की बातें सामने आई हैं और इसमें सेना के सर्वोच्च अधिकारी झांग यूक्सिया घेरे में आ गए हैं। झांग के खिलाफ अब जांच शुरू हो गई है।

China General Zhang Youxia- India TV Hindi
China General Zhang Youxia Image Source : AP

China Top General Under Probe: चीन ने अपने सबसे शक्तिशाली सैन्य नेताओं में से एक के खिलाफ जांच शुरू की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच देश के अंदर और बाहर भी शुरू हुई है क्योंकि आरोप भ्रष्टाचार से लेकर अमेरिका को संवेदनशील परमाणु हथियारों का डेटा लीक करने तक के हैं। जांच चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरमैन और पीपल्स लिबरेशन आर्मी में सबसे ऊंचे रैंक के वर्दीधारी अधिकारी जनरल झांग यूक्सिया के खिलाफ शुरू हुई है। चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह जांच "अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन" के लिए शुरू की गई है। मंत्रालय ने इस मामले में अधिक जानकारी नहीं दी है।

झांग पर हैं गंभीर आरोप

आरोप सबसे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किए थे, जिसमें चीनी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए हुई एक बंद कमरे की, उच्च-स्तरीय आंतरिक ब्रीफिंग से परिचित लोगों का हवाला दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, झांग पर चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम से संबंधित 'मुख्य तकनीकी डेटा' अमेरिका को लीक करने और प्रमोशन के बदले बड़ी रिश्वत लेने का आरोप है।

सैन्य खरीद में भ्रष्टाचार

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, यह आंतरिक ब्रीफिंग रक्षा मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक रूप से जांच की घोषणा करने से कुछ समय पहले हुई थी। न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रीफिंग में कई आरोपों का जिक्र किया गया था, जिसमें राजनीतिक गुट बनाना, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के भीतर अधिकार का दुरुपयोग करना और सैन्य खरीद में भ्रष्ट तरीकों का उपयोग करना शामिल है।

झांग रहे हैं राष्ट्रपति जिनपिंग के करीबी

चीनी अधिकारियों ने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े किसी भी आरोप की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। जर्नल को दिए एक बयान में, वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि झांग की जांच करने का फैसला कम्युनिस्ट पार्टी के "भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए पूर्ण-कवरेज, जीरो-टॉलरेंस दृष्टिकोण" को दर्शाता है। 75 साल के झांग को लंबे समय से राष्ट्रपति शी जिनपिंग का वफादार सहयोगी और PLA की सीनियर कमांड में एक अहम व्यक्ति माना जाता था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनका अचानक पतन हाल के दशकों में एक टॉप जनरल के खिलाफ सबसे नाटकीय कदमों में से एक है।

सोशल मीडिया पर किए जा रहे कई दावे

जर्नल की रिपोर्ट के साथ-साथ, सोशल मीडिया पर नाटकीय दावे भी सामने आए हैं जिनमें शी जिनपिंग के खिलाफ सैन्य तख्तापलट की कोशिश का इशारा किया गया था। इन दावों की चीनी अधिकारियों या पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने पुष्टि नहीं की है। एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के सेंटर फॉर चाइना एनालिसिस में चीनी राजनीति के फेलो नील थॉमस ने सबसे विस्फोटक आरोपों पर संदेह जताया है। थॉमस ने सवाल उठाया कि चीन के परमाणु प्रतिष्ठान के आसपास कड़ी सुरक्षा और सीनियर PLA जनरलों की भारी निगरानी को देखते हुए झांग परमाणु हथियारों के रहस्यों तक कैसे पहुंच सकते थे और उन्हें कैसे ट्रांसफर कर सकते थे। 

भ्रष्टाचार से जुड़ी है झांग की जांच

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया कि झांग की जांच चीन की सैन्य खरीद प्रणाली के भीतर भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई से जुड़ी है। यह पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू के पहले के पतन से भी जुड़ा है, जिन्हें पद से हटा दिया गया था और कम्युनिस्ट पार्टी से निकाल दिया गया था। झांग के तहत प्रमोट किए गए अधिकारी भी कथित तौर पर जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों ने मामले से जुड़े लोगों से मोबाइल डिवाइस जब्त कर लिए हैं। यह जांच शी जिनपिंग के सशस्त्र बलों को नया रूप देने के व्यापक अभियान के बीच हो रही है। 

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