तेल अवीव: इजरायल और हमास के बीच जंग में गाजा में भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है। गाजा में इमारतें मलबे के ढेर में तब्दील हो गई हैं और लाखों लोगों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इस बीच खाद्य संकटों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरण ने कहा कि इस समय गाजा पट्टी में भुखमरी की सबसे खराब स्थिति उत्पन्न हो रही है और यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो इससे बड़ी संख्या में लोगों के जान गंवाने की आशंका है।
'खतरे की घंटी है चेतावनी'
गाजा से कुपोषित बच्चों की तस्वीरें सामने आने और वहां भुखमरी से जुड़ी घटनाओं की खबरों के बीच ‘इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन’ (आईपीसी) ने मंगलवार को यह बयान दिया है। आईपीसी ने कहा कि यह चेतावनी एक खतरे की घंटी है लेकिन यह अकाल की औपचारिक घोषणा नहीं है।
गाजा में खराब हुई है स्थिति
इजरायल की ओर से सख्त नाकेबंदी जैसी हाल की कार्रवाईयों के कारण स्थिति बेहद खराब हो गई है। इजरायल ने हाल के दिनों में गाजा में खाद्यान्न की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई नए कदमों की घोषणा की है। हालांकि, सहायता समूहों का कहना है कि इन उपायों का तत्काल कोई खास असर नहीं हुआ है।

इजरायल ने उठाए हैं कदम
गाजा में भुखमरी के बढ़ते संकट के बीच इजरायल ने बीते सप्ताह कहा था कि वह गाजा सिटी, दीर अल-बलाह और मुवासी क्षेत्रों में रोज 10 घंटे के लिए सैन्य कार्रवाई रोकेगा। इजरायल ने यह भी कहा था कि वह मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था भी करेगा। इस बीच अंतरराष्ट्रीय विमानों के जरिए मदद पहुंचाने की सेवा भी बहाल कर दी गई है। फिलहाल, विभिन्न सहायता एजेंसियों का कहना है कि उठाए जा रहे कदम गाजा में बढ़ती भुखमरी की स्थिति से निपटने के लिए नाकाफी है।
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