दुनिया भर के मुसलमान पवित्र तीर्थयात्रा हज 2025 की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब ने बिना परमिशन के हज यात्रा पर आने वालों के लिए सख्त दंड की घोषणा की है। सऊदी अरब प्रशासन का साफ कहना है कि मक्का में उन लोगों को ही एंट्री मिलेगी, जिनके वीजा में हज यात्रा की परमिशन शामिल होगी। ऐसे वीजाधारकों पर फाइन लगेगा जो किसी और काम से सऊदी अरब आए थे और बिना परमिशन के ही मक्का पहुंच गए। बिना परमिशन के हज यात्रा करने वालों को 20,000 सऊदी रियाल यानी लगभग 4.5 लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा।
यह जुर्माना इस प्रतिबंधित अवधि के दौरान मक्का या आस-पास के पवित्र स्थलों में प्रवेश करने वाले विजिट वीजा धारकों पर भी लागू होता है। इसका उद्देश्य मक्का में भीड़ को नियंत्रित करना है। इसके अलावा भिखारियों को भी दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
सऊदी अरब सरकार ने हज संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान को सख्त चेतावनी जारी की है। दरअसल, पाकिस्तान जैसे कई देशों के हजारों की संख्या में लोग अवैध रूप से सऊदी अरब चले जाते हैं। ऐसे लोग मक्का, मदीना के आसपास भीख मांगते हैं और उससे मोटी रकम कमाकर लौट आते हैं। ऐसे में इस बार बड़ी सख्ती है। सऊदी अरब का कहना है कि जो अवैध लोगों को मक्का तक लाएंगे उनके वाहनों को भी जब्त कर लिया जाएगा, जिन्हें यात्रा में इस्तेमाल किया गया हो। इसके अलावा अवैध एंट्री वालों के सऊदी अरब आने पर कम से कम 10 साल के लिए बैन भी लगाया जाएगा।
इस साल हज 4 जून से 9 जून 2025 के बीच होने की उम्मीद है, जो चांद दिखने पर निर्भर करेगा। हज यात्रियों ने पहले ही प्रस्थान करना शुरू कर दिया है। भारत से पहली फ्लाइट 29 अप्रैल को लखनऊ और हैदराबाद से हज यात्रियों को लेकर रवाना हुई।
संपादक की पसंद