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अब भारत करेगा नेपाल को जगमग, पड़ोसी देश में जयशंकर की जय-जयकार

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Jan 04, 2024 07:22 pm IST,  Updated : Jan 04, 2024 07:23 pm IST

जयशंकर पड़ोसी देश नेपाल के दौरे पर पहुंचे हैं। भारत अपने पड़ोसी देश को 10 साल में 10 हजार मेगावाट बिजली देगा। इस सहयोग के समझौते के बीच जयशंकर ने पीएम पुष्पकमल दहल प्रचंड और नेपाल राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से भी मुलाकात की।

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अब भारत करेगा नेपाल को जगमग Image Source : PTI

Jaishankar Nepal Visit: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर करीबी पड़ोसी देश नेपाला की यात्रा पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मसौदों पर हस्ताक्षर हुए। इसके अनुसार एक समझौते के तहत भारत नेपाल को अगले 10 साल में 10 हजार मेगावाट बिजली देगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर की हिमालयी राष्ट्र की दो दिन की यात्रा के दौरान भारत और नेपाल ने गुरुवार को एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत अगले 10 वर्षों में भारत को 10,000 मेगावाट बिजली के निर्यात की सुविधा मिलेगी। 

बैठक में हुआ यह बड़ा समझौता

जयशंकर और नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री शक्ति बहादुर बस्नेत की उपस्थिति में यहां एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान बिजली निर्यात पर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। नेपाल के ऊर्जा सचिव गोपाल सिगडेल और उनके भारतीय समकक्ष पंकज अग्रवाल ने द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे अगले 10 साल में नेपाल से भारत में 10,000 मेगावाट बिजली के निर्यात की सुविधा मिलेगी।

पीएम प्रचंड की भारत यात्रा के दौरान 'बिजली' पर बनी थी सहमति

प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बिजली निर्यात पर सहमति बनी थी। प्रचंड पिछले साल 31 मई से तीन जून तक भारत यात्रा पर आए थे। उस समय दोनों पक्षों ने कई प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें पड़ोसी देश से नई दिल्ली के बिजली आयात को अगले 10 वर्षों में मौजूदा 450 मेगावाट से बढ़ाकर 10,000 मेगावाट करने का समझौता भी शामिल था। 

नेपाली राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिले जयशंकर

इससे पहले सुबह जयशंकर ने राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल और प्रधानमंत्री प्रचंड से उनके संबंधित कार्यालयों में मुलाकात की थी। जयशंकर की नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली सहित शीर्ष राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करने की भी योजना है। 

नेपाल पहुंचने पर जयशंकर का हुआ भव्य स्वागत

इससे पहले नेपाल के विदेश मंत्री एनपी सउद ने यहां त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जयशंकर का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। जयशंकर ने आज सुबह काठमांडू पहुंचने के बाद 'एक्स' पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा कि '2024 के अपने पहले दौरे के लिए फिर से नेपाल आकर खुश हूं। अगले दो दिन में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।'

1987 में हुआ था भारत नेपाल संयुक्त आयोग का गठन

भारत-नेपाल संयुक्त आयोग का गठन 1987 में हुआ था और यह दोनों पक्षों को द्विपक्षीय साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा करने के लिए मंच प्रदान करता है। विदेश मंत्री ने नयी दिल्ली में कहा, 'नेपाल, भारत की 'पड़ोस प्रथम' नीति के तहत उसका महत्वपूर्ण साझेदार है। यह दौरा दो करीबी और मैत्रीपूर्ण पड़ोसियों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को ध्यान में रखते हुए है।' क्षेत्र में भारत के समग्र रणनीतिक हितों के संदर्भ में उसके लिए नेपाल एक महत्वपूर्ण देश है और दोनों देशों के नेताओं ने सदियों पुराने ‘रोटी-बेटी’ के संबंध का अक्सर उल्लेख किया है। 

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