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भारतीय सेना ने ट्रंप को दिखाया आईना, याद दिलाई 54 साल पुरानी अमेरिका-पाकिस्तान की हथियार डील

 Published : Aug 05, 2025 02:44 pm IST,  Updated : Aug 05, 2025 02:44 pm IST

भारतीय सेना ने 1971 के एक पुराने अखबार कटिंग सोशल मीडिया पर शेयर की है। इस कटिंग के जरिए यह बताया गया है कि कैसे अमेरिका दशकों से पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है।

Donald trump and Indian Army Social Media Post- India TV Hindi
Donald trump and Indian Army Social Media Post Image Source : AP/@EASTERNCOMD

Indian Army Social Media Post: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। ट्रंप के बिगड़े तेवर और बयानबाजी के बीच भारतीय सेना ने अमेरिका को आईना दिखाया है। भारतीय सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति को 54 साल पुरानी घटना याद दिलाई है। भारतीय सेना ने मंगलवार को 1971 में प्रकाशित एक अखबार की कटिंग शेयर कर अमेरिका पर तंज कसा है। इस कटिंग में दिखाया गया है कि अमेरिका कैसे दशकों से पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है। 

अमेरिका भूल गया अपना अतीत

भारतीय सेना की यह पोस्ट इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से भारत के तेल खरीदने पर भारतीय सामानों पर और अधिक टैरिफ लगाने की धमकी दी है। एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि वह भारत से आने वाले सामानों पर टैरिफ में भारी बढ़ोतरी करेंगे क्योंकि भारत रूस से तेल खरीदकर उसकी मदद कर रहा है लेकिन अमेरिका खुद भूल गया कि उसका अतीत कैसा रहा है। 

भारतीय सेना की पोस्ट?

टैरिफ को लेकर छिड़े संग्राम के बीच ट्रंप सरकार को आईना दिखाते हुए भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने 5 अगस्त, 1971 को प्रकाशित अखबार की एक कटिंग साझा की है। कटिंग में तत्कालीन रक्षा मंत्री विद्याचरण शुक्ला द्वारा राज्यसभा में दिए गए बयान का जिक्र है। तब शुक्ला ने नाटो शक्तियों द्वारा पाकिस्तानी सेना को संभावित हथियारों की सप्लाई को लेकर संसद में बयान दिया था। इसमें बताया गया है कि कैसे अमेरिका 1971 के युद्ध की तैयारी के लिए दशकों से पाकिस्तान को हथियारों की सप्लाई कर रहा था। सेना ने पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा है, “आज का दिन, युद्ध की तैयारी का वह साल - 5 अगस्त, 1971” 

अमेरिका ने की हथियारों की सप्लाई

विद्याचरण शुक्ला ने तब राज्यसभा में दिए अपने बयान में बताया था कि कैसे पाकिस्तान को हथियारों की सप्लाई को लेकर नाटो और सोवियत संघ से संपर्क किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि सोवियत संघ और फ्रांसीसी सरकार ने पाकिस्तान को हथियार देने से इनकार कर दिया था, लेकिन अमेरिका ने पाकिस्तान को अपना समर्थन जारी रखा था। इसमें यह भी कहा गया है कि तब अमेरिका और चीन दोनों ने पाकिस्तान को औने-पौने दामों पर हथियार बेचे थे। इसमें एक रिपोर्ट का हवाला भी दिया गया है कि अमेरिका से पाकिस्तान को 1954 के बाद से करीब दो अरब डॉलर के हथियारों की आपूर्ति की है।

पाकिस्तान पर अमेरिका मेहरबान 

वैसे मौजूदा समय की बात करें तो अमेरिका आज भी पाकिस्तान पर मेहरबान नजर आ रहा है। पाकिस्तान पर लगाए गए टैरिफ इसी बात का संकेत हैं। हाल ही में अमेरिका ने जो टैरिफ लगाए हैं, उनमें पाकिस्तान को बड़ी छूट दी गई है। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान पर टैरिफ 29 प्रतिशत से घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया है।

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