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इंडोनेशिया में फिर धधका ज्वालामुखी, 10 किलोमीटर ऊंचाई तक उठा लावा-राख का गुबार; उड़ानें रद्द

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jun 18, 2025 05:28 pm IST,  Updated : Jun 18, 2025 05:28 pm IST

बाली में डेनपसार हवाई अड्डे की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार, नयी दिल्ली, सिंगापुर और पुडोंग, चीन जाने वाली उड़ानों को भी ज्वालामुखी फटने के कारण रद्द कर दिया गया है। नवंबर में माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी के विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। इस साल मार्च में भी इसमें विस्फोट हुआ था।

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट से आसमान में उठा गुबार। - India TV Hindi
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट से आसमान में उठा गुबार। Image Source : AP

लेम्बाता (इंडोनेशिया): इंडोनेशिया का माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी ज्वालामुखी बुधवार को फिर से धधक उठा। इससे उठने वाली राख व धुएं का गुबार आसमान में 10 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया। इसके कारण आसपास के गांवों को खाली कराना पड़ा गया। देश-विदेश से आये पर्यटक बाली द्वीप आने और जाने वाली उड़ानें रद्द होने से परेशान हो उठे। ज्वालामुखी में मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक कई विस्फोटों के कारण राख आसमान में 5,000 मीटर तक फैल गयी।

10 किलोमीटर ऊंचाई तक छाए भूरे बादल

मंगलवार दोपहर को ज्वालामुखी फटने के बाद ज्वालामुखी से निकले राख और लावा के चलते 10,000 मीटर ऊंचाई तक घने भूरे बादल देखे गये। राख का गुबार इतना विशाल था कि उसे 150 किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता था। इस बीच, बाली हवाई अड्डे के पास ज्वालामुखी विस्फोट के कारण एअर इंडिया की बुधवार को दिल्ली-बाली उड़ान को बीच रास्ते से ही दिल्ली वापस ले जाना पड़ा। विमानन कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी। एअर इंडिया ने बयान में कहा कि फ्लाइट सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार ली गई और सभी यात्रियों को उतार दिया गया है।

आसपास के इलाके खाली

ज्वालामुखी फटने संबंधी चेतावनी को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया और खतरे के क्षेत्र का दायरा ज्वालामुखी से आठ किमी तक बढ़ा दिया। विस्फोट से निकले लावा से बचने के लिए अधिकारियों ने ज्वालामुखी से सात किलोमीटर दूर माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी निगरानी चौकी को भी खाली करा दिया। घटना में अभी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने एक बयान में बताया कि ज्वालामुखी विस्फोट के बाद राख और मलबा खतरे के क्षेत्र के बाहर बोरू, हेवा और वाटोबुकु गांवों समेत कई स्थानों पर गिरा। इले बूरा उपजिले में नूराबेलेन गांव से कुछ निवासी बचाव के लिए कोंगा में सुरक्षित स्थानों पर चले गए। एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने बताया, ‘‘कुछ निवासियों ने निलेकनोहेंग गांव भी खाली कर दिया जो ज्वालामुखी से 12 किलोमीटर दूर है।’’

कई देशों को जोड़ने वाली उड़ानें रद्द

बाली के आई गुस्टी नुराह राय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की वेबसाइट के अनुसार, बाली को ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, भारत और चीन में कई शहरों से जोड़ने वाली उड़ानों समेत कई उड़ानों को बुधवार को रद्द कर दिया गया। ज्वालामुखी से उठने वाली गर्म राख विमान के इंजन को खतरा पहुंचा सकती है। ईस्ट नूसा टेंगारा प्रांत में फ्लोरेस द्वीप में एक अन्य पर्यटक स्थल लबुआन बाजो में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाली तथा वहां से जाने वाली उड़ानों को भी रद्द कर दिया गया है। उड़ानों के रद्द होने या उनमें विलंब होने से हजारों यात्रियों पर असर पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों और इंडोनेशिया के मशहूर पर्यटक स्थलों के बीच रोज उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइन जेटस्टार ने कहा कि राख के बादल के बुधवार देर शाम तक साफ होने का अनुमान है और उसके बाद उसकी सेवाएं बहाल होंगी। (भाषा)

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