Israel Missile Strike Video: इजरायल और ईरान के बीच जंग में इजरायली सेना लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भीषण बमबारी कर रही है। जंग के बीच इजरायल के हमले का भयावह वीडियो सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जंग के दौरान लाइव रिपोर्टिंग कितनी खतरनाक हो सकती है। चलिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
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दरअसल, लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में इजरायली सेना के हमले में रूस टुडे (RT) के पत्रकार स्टीव स्वीनी और उनके कैमरामैन अली रिदा घायल हो गए हैं। घटना 19 मार्च को कन्नायत इलाके में हुई। दोनों पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे थे। वीडियो फुटेज में साफ दिखा कि स्वीनी कैमरे के सामने बोल रहे थे, तभी उनके ठीक पीछे कुछ दूरी पर मिसाइल गिरती है। हमले के दौरान स्वीनी झुक गए लेकिन उन्हें और उनके कैमरामैन को शार्पनेल के टुकड़ों से चोट आई है।
क्या बोले पत्रकार?
रूस टुडे ने इसे टारगेटेड हमला बताया है। स्वीनी, जो लेबनान ब्यूरो चीफ हैं ने बाद में कहा, “यह इजरायली फाइटर जेट से प्रिसिजन स्ट्राइक थी। कोई गलती नहीं। हम खुली जगह पर थे, प्रेस मार्किंग साफ थी। अगर वो सोचते हैं कि हमें चुप करा देंगे, तो वो बहुत गलत हैं।” कैमरामैन अली ने भी लाइव प्रसारण में बताया कि वो सैन्य ठिकानों से दूर थे और उनका वाहन प्रेस के रूप में चिह्नित था। दोनों को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्वीनी के हाथ से शार्पनेल निकाला। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने जताई नाराजगी
रूसी विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, “यह हमला सैन्य ठिकानों से दूर साफ जगह पर हुआ। गाजा में 200 से ज्यादा पत्रकारों की मौत को देखते हुए इसे दुर्घटना नहीं कहा जा सकता। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है।”
'घटना ही हो जांच'
कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने इस घटना को लेकर जांच की मांग की है। संगठन ने कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और इजरायल को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इजरायल की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि क्षेत्र में पहले चेतावनी दी गई थी। स्वीनी ने अस्पताल से कहा, “हम अपनी रिपोर्टिंग जारी रखेंगे। सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता।”
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