Nuclear Deal: लंबे अरसे बाद फिर शुरू होगी ईरान-अमेरिका परमाणु समझौता वार्ता

Nuclear Deal: ईरान के लिए अमेरिका के स्पेशल प्रतिनिधि रॉबर्ट माली चर्चा से पहले ही सोमवार रात कतर पहुंच गए। हालांकि, दूतावास ने माली की यात्रा के बारे में कोई अन्य जानकारी देने से इनकार कर दिया।

Akash Mishra Edited by: Akash Mishra @Akash25100607
Updated on: June 28, 2022 19:24 IST
Robert Malley, U.S. special envoy for Iran(File Photo)- India TV Hindi News
Image Source : AP Robert Malley, U.S. special envoy for Iran(File Photo)

Highlights

  • ‘तेहरान टाइम्स’ ने ईरानी राजदूत हमीद्रेजा देघानी के साथ मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की
  • ईरानी परमाणु वार्ताकार बघेरी कानी वार्ता फिर से शुरू करने, कतर की राजधानी दोहा आए हैं
  • वर्ष 2018 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस समझौते से अलग हो गए थे

Nuclear Deal: ईरान और अमेरिका मंगलवार को कतर में अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू करने के लिए तैयार हैं, जिसका उद्देश्य वैश्विक शक्तियों के साथ तेहरान के परमाणु समझौते को पटरी पर लाने का रास्ता खोजना है। ‘तेहरान टाइम्स’ ने ईरान के वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार अली बघेरी कानी के एक होटल में, कतर में ईरानी राजदूत हमीद्रेजा देघानी के साथ मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की। न्यूजपेपर 'तेहरान टाइम्स’ ने कहा है कि बघेरी कानी वार्ता फिर से शुरू करने के लिए कतर की राजधानी दोहा आए हैं।

चर्चा से पहले सोमवार रात कतर पहुंचे अमेरिकी प्रतिनिधि रॉबर्ट माली

ईरान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि रॉबर्ट माली चर्चा से पहले सोमवार रात कतर पहुंच गए। कतर में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि माली ने कतर के विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की और ‘‘ईरान के साथ मुद्दों को सुलझाने के संयुक्त कूटनीतिक प्रयासों’’ पर चर्चा की। हालांकि, दूतावास ने माली की यात्रा के बारे में कोई अन्य जानकारी देने से इनकार किया। ईरान और वैश्विक शक्तियों के बीच 2015 में परमाणु समझौते पर सहमति बनी। इसके तहत तेहरान ने आर्थिक पाबंदियों को हटाने के बदले में यूरेनियम के संवर्द्धन को काफी हद तक सीमित कर दिया।

वर्ष 2018 में ट्रम्प ने समझौते से अमेरिका को कर दिया था अलग

आपको बता दें कि वर्ष 2018 में, तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने समझौते से अमेरिका के अलग होने की घोषणा कर दी थी। बाद में इस समझौते को बचाने के लिए वियना में बातचीत शुरू हुई लेकिन मार्च से इसमें कोई प्रगति नहीं हुई है।   

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