Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण मार्च के महीने में 3 तारीख को लगेगा। यह ग्रह सिंह राशि में लगने जा रहा है और भारत में भी कुछ समय के लिए यह ग्रहण दिखेगा, इसलिए भारत में चंद्रग्रहण का सूतक मान्य होगा। सिंह राशि में लगने वाला यह ग्रहण कुछ राशियों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ये राशियां कौन-कौन सी हैं और क्या उपाय करने से ये ग्रहण का प्रतिकूल प्रभाव दूर कर सकती हैं, इसके बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे।
साल का पहला चंद्र ग्रहण आपकी राशि से दूसरे भाव में लगेगा। दूसरा भाव धन और कुटुंब का कारक माना जाता है। चंद्रमा आपकी ही राशि के स्वामी हैं और आपके द्वितीय भाव में ग्रसित होंगे इसलिए पारिवारिक जीवन में आपको बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। घर के लोगों के साथ वाद-विवाद मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। धन का लेन-देन करते समय सतर्क रहें वरना आर्थिक हानि हो सकती है। इस राशि के जातकों को वाणी का इस्तेमाल सोच समझकर करना होगा।
साल का पहला चंद्रग्रहण आपकी ही राशि में लगेगा। यह ग्रहण आपको मानसिक उलझनों में डाल सकता है निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी। कोई भी बढ़ा फैसला ग्रहण के कुछ दिनों के बाद ही लें। जीवनसाथी के साथ अनबन तनाव और मानसिक अशांति का कारण बन सकती है। अगर अतीत में बिना सोचे-वितारे निवेश नहीं किया था तो इस राशि के कुछ कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। गलत लोगों की संगति से दूर रहें नहीं तो हानि हो सकती है।
आपके हानि के भाव में यानि द्वादश भाव में चंद्र ग्रहण लगेगा। इस ग्रहण के दौरान आपको सेहत को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। उदर और सीने में दर्द की समस्या हो सकती है। मानसिक रूप से आप खुद को कमजोर पाएंगे। योग-ध्यान करने से आपको लाभ मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी कन्या राशि के जातकों को सतर्क रहना होगा। संतान की सेहत का ख्याल भी आपको रखना होगा।
चंद्र ग्रहम आपकी राशि से छठे भाव में लगेगा जोकि शत्रुओं का भाव कहा जाता है। इस भाव में चंद्रमा का ग्रसित होना आपके शत्रुओं की संख्या बढ़ा सकता है। किसी पर भी आवश्यकता से अधिक विश्वास करने से आपको बचना होगा, धोखा मिल सकता है। उधार का लेन-देन न करें आर्थिक रूप से कमजोर हो सकते हैं। इस राशि के जातकों को यात्राओं के दौरान कीमती सामान की सुरक्षा करने की आवश्यकता होगी।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:
संपादक की पसंद