नई दिल्ली: सऊदी अरब से रक्षा समझौता करने के बाद पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक और सनसनीखेज दावा किया है। उनका कहना है कि भविष्य में "अगर भारत पाकिस्तान पर युद्ध थोपता है, तो सऊदी अरब पाकिस्तान का बचाव करेगा। यह बयान ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत में दिया।
सऊदी की मदद पर संदेह नहीं
भारत द्वारा हमले की स्थिति में सऊदी द्वारा मदद करने को लेकर सवाल पूछे जाने पर ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल Geo TV को बताया, "हां, बिल्कुल। इसमें कोई संदेह नहीं है..."उन्होंने इस समझौते की तुलना नाटो (NATO) के अनुच्छेद 5 से की, जिसमें 'सामूहिक रक्षा' की बात की गई है। यानी अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो वह पूरे समूह पर हमला माना जाता है। हालांकि ख्वाजा ने स्पष्ट किया कि यह समझौता "रक्षात्मक है, आक्रामक नहीं। उन्होंने कहा, "अगर सऊदी अरब या पाकिस्तान में से किसी एक के खिलाफ आक्रामकता होती है, तो हम मिलकर उसका बचाव करेंगे।"
किसी पर हमले का इरादा नहीं
ख्वाजा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सऊदी के साथ इस समझौते का मतलब किसी पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर किसी भी पक्ष को खतरा होता है, तो यह समझौता लागू हो जाएगा।" उन्होंने यह भी पुष्टि की कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार सऊदी अरब के उपयोग के लिए उपलब्ध होंगे, हालांकि पाकिस्तान की आधिकारिक नीति यह कहती है कि ये हथियार केवल भारत के खिलाफ उपयोग के लिए हैं।
सऊदी के लिए पाकिस्तान के परमाणु हथियार भी उपलब्ध
ख्वाजा आसिफ ने कहा, "हमारी क्षमताएं निश्चित रूप से इस समझौते के तहत उपलब्ध होंगी। पाकिस्तान ने हमेशा अपनी परमाणु सुविधाओं का निरीक्षण करवाने की अनुमति दी है और कभी कोई उल्लंघन नहीं किया है। एक वरिष्ठ सऊदी अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या यह समझौता पाकिस्तान को अब 'परमाणु सुरक्षा कवच (nuclear shield)' प्रदान करने के लिए बाध्य करता है, तो उन्होंने कहा, "यह एक व्यापक रक्षात्मक समझौता है जो सभी सैन्य साधनों को समाहित करता है।"