1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. क्या सच होगा 1 लाख चीनी सैनिकों की मौत का दावा? ताइवान के राष्ट्रपति ने ड्रैगन को दिखाई आंखें

क्या सच होगा 1 लाख चीनी सैनिकों की मौत का दावा? ताइवान के राष्ट्रपति ने ड्रैगन को दिखाई आंखें

 Published : Jan 10, 2026 08:06 am IST,  Updated : Jan 10, 2026 08:06 am IST

ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने चीन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी दखल को बर्दाश्त नहीं करेंगे। बता दें कि एक अमेरिकी थिंक टैंक रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान पर हमले की स्थिति में चीन को 1 लाख सैनिकों की मौत झेलनी पड़ सकती है।

Taiwan China tension, Taiwan President Lai Ching-te, China Taiwan war- India TV Hindi
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। Image Source : AP

ताइपे: चीन और ताइवान के बीच आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने के आसार साफ नजर आने लगे हैं। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा है कि वे अपने देश में चीन को दखल नहीं करने देंगे। फोकस ताइवान की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने सेना के कमांडर-इन-चीफ के रूप में देश की सुरक्षा और सभी नागरिकों की जान-माल की रक्षा करने की कसम खाई है। उन्होंने कहा, 'मैं निश्चित रूप से देश की रक्षा करूंगा और चीन के दबाव या चीन के हाथ को ताइवान तक पहुंचने की बिल्कुल इजाजत नहीं दूंगा।' बता दें कि हाल ही में एक थिंक टैंक की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध होता है तो करीब 1 लाख चीनी सैनिक मारे जाएंगे।

'चीन का हिस्सा नहीं है ताइवान'

राष्ट्रपति लाई ने गुरुवार को कहा कि चीन जिस तरह से सीमा पार से ताइवान के लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, उससे साफ हो जाता है कि बीजिंग की सत्ता ताइवान तक नहीं है और हमारा मुल्क पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का हिस्सा नहीं है। फोकस ताइवान ने बताया कि राष्ट्रपति ने चीन में जन्मे जापानी सांसद हे सेकी की हालिया ताइवान यात्रा का जिक्र किया, जिन्हें चीन ने प्रतिबंधित कर रखा है और अपने देश में उनके प्रवेश पर रोक लगा रखी है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा दिखाती है कि रिपब्लिक ऑफ चाइना (ROC- ताइवान का आधिकारिक नाम) और PRC (चीन का आधिकारिक नाम) एक-दूसरे के अधीन नहीं हैं।

रिपोर्ट में चीन को लेकर बड़ा दावा

ताइवान के राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि चीन के नेता समझेंगे कि ताइवान को निशाना बनाने वाले सैन्य अभ्यास शांतिपूर्ण कदम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चीन की घुसपैठ और सीमा पार से डाले जा रहे दबाव से ताइवान को चीन का हिस्सा बनाने का लक्ष्य हासिल नहीं होगा। बता दें कि चीन पिछले कुछ महीनों से लगातार ताइवान को डराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हाल ही में एक ऐसी रिपोर्ट आई है जो चीन की आंखें खोल सकती है। एक अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो उसे 1 लाख तक सैनिकों की मौत का सामना करना पड़ सकता है।

'आखिर में चीन को पीछे हटना होगा'

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आखिर में उसे पीछे हटना पड़ सकता है, लेकिन वह ताइवान के किनमेन और मत्सू द्वीपों पर कब्जा कर सकता है। अमेरिकी थिंक टैंक की इस रिपोर्ट का नाम 'If China Attacks Taiwan' है और इसकी जानकारी फोकस ताइवान ने दी है। रिपोर्ट को जर्मन मार्शल फंड ने जारी किया है, जो अमेरिकी सरकार से भी फंडिंग लेता है। रिपोर्ट में ताइवान के साथ 'बड़े युद्ध' से लेकर 'छोटे संघर्ष' तक के अलग-अलग हालात में चीन के लिए सैन्य, रणनीतिक और अंतरराष्ट्रीय नुकसान का आकलन किया गया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश