डेनपसार, बाली: इंडोनेशिया के मशहूर टूरिस्ट आइलैंड बाली में 3 ब्रिटिश नागरिकों पर लगभग एक किलोग्राम कोकीन की तस्करी का इल्ज़ाम लगाया गया है। इस कोकीन की कीमत करीब 3.14 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मंगलवार को डेनपसार की जिला अदालत में इनके खिलाफ केस शुरू हुआ। इंडोनेशिया के सख्त ड्रग कानूनों के तहत इन तीनों को फांसी की सजा हो सकती है। इन तीनों की पहचान जोनाथन क्रिस्टोफर कॉलियर (28), लिसा एलन स्टॉकर (29), और फिनियस एम्ब्रोस फ्लोट (31) के रूप में हुई है। मामले की अगली सुनवाई अब 10 जून को होगी।
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कहां छिपाई गई थी ये कोकेन?
अभियोजक आई मेड डिपा उमबारा ने बताया कि 1 फरवरी को जोनाथन और लिसा को बाली के एयरपोर्ट पर उस वक्त पकड़ा गया, जब कस्टम्स अधिकारियों ने उनके सामान की एक्स-रे जांच की। उनके बैग में खाने की पैकिंग के रूप में छिपाए गए संदिग्ध सामान मिले। जांच में पाया गया कि जोनाथन के बैग में 10 और लिसा के बैग में 7 एंजल डिलाइट डेजर्ट मिक्स के पैकेट्स में कुल 993.56 ग्राम कोकीन थी। इस कोकीन की कीमत करीब 60 करोड़ इंडोनेशियाई रुपिया (लगभग 3.68 लाख अमेरिकी डॉलर या 3.14 करोड़ भारतीय रुपये) आंकी गई।

'पहले भी 2 बार तस्करी कर चुका था ये ग्रुप'
दो दिन बाद, 3 फरवरी को पुलिस ने एक कंट्रोल्ड डिलीवरी ऑपरेशन चलाया, जिसमें जोनाथन और लिसा ने डेनपसार के एक होटल के पार्किंग एरिया में फिनियस को ड्रग्स सौंपी। इसके बाद फिनियस को भी गिरफ्तार कर लिया गया। फिनियस का मुकदमा अलग से चल रहा है। अभियोजक उमबारा ने अदालत को बताया कि ये ड्रग्स इंग्लैंड से कतर के दोहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रास्ते बाली लाई गई थीं। बाली पुलिस नारकोटिक्स यूनिट के डिप्टी डायरेक्टर पॉन्को इंड्रियो ने 7 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि यह ग्रुप पहले भी 2 बार बाली में कोकीन की तस्करी कर चुका था, लेकिन तीसरी बार में पकड़ा गया।
आखिरी बार ड्रग तस्करी में कब हुई थी फांसी?
इंडोनेशिया में ड्रग्स और नशे से जुड़े मामलों को बहुत गंभीरता से लिया जाता है। वहां के कानून दुनिया के सबसे सख्त ड्रग कानूनों में गिने जाते हैं। ड्रग तस्करी के दोषियों को अक्सर फांसी की सजा सुनाई जाती है, जिसे फायरिंग स्क्वॉड के जरिए अंजाम दिया जाता है। इंडोनेशिया के आव्रजन और सुधार मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस वक्त देश में करीब 530 लोग फांसी की सजा का इंतज़ार कर रहे हैं, जिनमें 96 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर मामले ड्रग्स से जुड़े हैं। आखिरी बार इंडोनेशिया में 2016 में एक इंडोनेशियाई और तीन विदेशी नागरिकों को फांसी दी गई थी।

69 साल की ब्रिटिश महिला को फांसी का इंतजार
इससे पहले 2012 में ब्रिटिश नागरिक लिंडसे सैंडिफोर्ड (अब 69 साल) को बाली के एयरपोर्ट पर 3.8 किलोग्राम कोकीन के साथ पकड़ा गया था। उनके सामान की लाइनिंग में ड्रग्स छिपाई गई थीं। 2013 में इंडोनेशिया की सुप्रीम कोर्ट ने उनकी फांसी की सजा को बरकरार रखा था। वह अभी भी जेल में हैं और फांसी का इंतजार कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध कार्यालय (UNODC) के मुताबिक, इंडोनेशिया के सख्त कानूनों के बावजूद यह देश ड्रग तस्करी का बड़ा केंद्र है। इसका कारण है देश की युवा आबादी, जिसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया अपना निशाना बनाते हैं। बाली जैसे टूरिस्ट स्पॉट्स में ड्रग्स की तस्करी और इस्तेमाल के मामले बढ़ रहे हैं।