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अमेरिकी सांसदों ने किया ताइवान का दौरा, भड़क गया चीन; कहा-"ये संप्रभुता का उल्लंघन"

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 29, 2025 04:03 pm IST,  Updated : Aug 29, 2025 04:03 pm IST

अमेरिकी सीनेटरों के ताइवान दौरे से चीन भड़क गया है। चीन ने अमेरिका के इस कदम को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है।

शी जिनपिंग, चीन के राष्ट्रपति। - India TV Hindi
शी जिनपिंग, चीन के राष्ट्रपति। Image Source : AP

ताइपे: अमेरिकी सीनेटरों की ताइवान यात्रा पर चीन भड़क गया है। बीजिंग ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए वाशिंगटन की कड़ी  आलोचना की है। चीन इस ताइवान द्वीप को अपना हिस्सा मानता है और दोनों पक्षों के अधिकारियों के किसी भी प्रकार के संपर्क का विरोध करता है।

ताइवान क्यों गए अमेरिकी सीनेटर?

अमेरिका के मिसिसिपी से रिपब्लिकन यूएस सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष रोजर विकर और नेब्रास्का की रिपब्लिकन डेब फिशर शुक्रवार को ताइपे पहुंचे। अमेरिकी सीनेटर ताइवान के वरिष्ठ नेताओं से उच्च स्तरीय बैठकों के लिए आए हैं। इन बैठकों में अमेरिका-ताइवान संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और निवेश पर चर्चा होगी। ताइवान पहुंचने पर विकर ने कहा, "एक समृद्ध लोकतंत्र कभी पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं होता... और हम यहां अपने दोस्तों और सहयोगियों से यह चर्चा करने आए हैं कि हम वैश्विक शांति को बढ़ावा देने के लिए क्या कर रहे हैं।"

फिशर ने जोड़ा, "वैश्विक अस्थिरता के समय में, हमारा यहां होना बेहद महत्वपूर्ण है।" उन्होंने बताया कि बातचीत में "इस क्षेत्र की सुरक्षा, अवसरों और प्रगति" पर चर्चा होगी।

चीन के विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने अमेरिकी सीनेटरों की इस यात्रा का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। साथ ही कहाकि यह "चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करती है और ताइवान की स्वतंत्रता चाहने वाली अलगाववादी ताकतों को गंभीर रूप से गलत संदेश देती है।" इस दो दिवसीय यात्रा से पहले, दोनों सीनेटर हवाई, गुआम, टिनियन, पाला और फिलीपींस का दौरा कर चुके हैं।

ताइवान को हथियार देता है अमेरिका

अमेरिका ताइवान का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है। वह द्वीप को अत्याधुनिक टैंक, वायु रक्षा मिसाइलें और उन्नत एफ-16 लड़ाकू विमान प्रदान करता है, ताकि बीजिंग की हमले की धमकियों के खिलाफ उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। चीन का मानना है कि ताइवान को अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति, पिछली अमेरिकी सरकारों द्वारा किए गए वादों का उल्लंघन है।(एपी)

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