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अमेरिकी कर सुधारों को लेकर EU के पांच देशों ने जताई चिंता, वित्त मंत्री को लिका पत्र

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Dec 12, 2017 11:47 am IST,  Updated : Dec 12, 2017 11:47 am IST

यूरोपीय संघ के पांच बड़े देशों के वित्त मंत्रियों ने अमेरिका में होने वाले कर सुधारों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने अमेरिका के वित्त मंत्री को पत्र लिखकर अमेरिकी कर व्यवस्था में होने वाले बदलावों को लेकर उन्हें...

Five EU states worry about US tax reforms write letter to...- India TV Hindi
Five EU states worry about US tax reforms write letter to finance minister

पेरिस: यूरोपीय संघ के पांच बड़े देशों के वित्त मंत्रियों ने अमेरिका में होने वाले कर सुधारों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने अमेरिका के वित्त मंत्री को पत्र लिखकर अमेरिकी कर व्यवस्था में होने वाले बदलावों को लेकर उन्हें ‘‘अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की याद दिलाई है जिन पर अमेरिका ने हस्ताक्षर किये हैं।’’ माना जा रहा है कि अमेरिका में होने वाले कर सुधारों और बदलावों में कुछ ऐसे प्रावधान किये जायेंगे जो कि परंपरागत अंतरराष्ट्रीय कर प्रावधानों के अनुरूप नहीं होंगे और इनके अमल में आने से कर संधियों के नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इसका अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है। (एर्दोआन, पुतिन ने चेताया: यरुशलम घोषणा के बाद बढ़ सकता है क्षेत्र में तनाव )

यूरोपीय संघ की पांच प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्पेन के वित्त मंत्रियों ने इस संबंध में अमेरिका के वित्त मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने अमेरिका को इस तरह के कर बदलावों को लागू करने से आगाह किया है। अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद और सीनेट इन कर सुधारों को अंतिम रूप देने में लगे हैं और समझा जाता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल की समाप्ति से पहले इस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इन कर बदलावों में कंपनियों और व्यावसायियों के लिये कर दरों को कम किया जा रहा है जबकि व्यक्तिगत कर में होने वाली कई कटौतियों को समाप्त किया जा रहा है।

यूरोपीय संघ के वित्त मंत्रियों द्वारा भेजे गये पत्र में कहा गया है, ‘‘एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और बेहतर कर प्रणाली को स्थापित करना किसी भी देश की संप्रभुता के लिये आवश्यक होता है लेकिन इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि अमेरिकी सरकार की घरेलू कर नीति के अधिकार का इस तरह इस्तेमाल हो कि वह अंतरराष्ट्रीय दायित्वों जिन पर उसने हस्ताक्षर किये हैं उनके अनुरूप हो।’’ अमेरिका, यूरोप का सबसे बड़ा व्यापारिक और निवेश भागीदार है।

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