बर्लिन: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी पर गुरुवार को उस समय लाल रंग का तरल पदार्थ फेंका गया, जब वह जर्मनी के बर्लिन में एक इमारत से बाहर निकल रहे थे। पहलवी ने हमले से पहले एक प्रेस ब्रीफिंग की थी जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम की आलोचना की थी। यह घटना जर्मनी की संघीय प्रेस कॉन्फ्रेंस इमारत के बाहर हुई है। घटना के कथित आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
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65 वर्षीय पहलवी, ईरान के पूर्व शाह के बेटे हैं। पहलवी खुद को ईरान के भविष्य में एक अहम भूमिका निभाने वाले व्यक्ति के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, यह साफ नहीं है कि लगभग 50 सालों तक निर्वासन में रहने के बाद ईरान में उन्हें कितना समर्थन हासिल है।
पहलवी ने क्या कहा?
पहलवी को बर्लिन यात्रा के दौरान किसी भी सरकारी प्रतिनिधि से मिलने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने गुरुवार को यह तर्क दिया कि संघर्ष विराम समझौता इस धारणा पर आधारित है कि ईरानी सरकार का रवैया बदल जाएगा और आप ऐसे लोगों से बातचीत करेंगे जो अचानक ही व्यावहारिक बन गए हैं। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा।" उन्होंने यह भी कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि कूटनीति को मौका नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन मेरा मानना है कि कूटनीति को अब तक काफी मौके दिए जा चुके हैं।
पहलवी ने यूरोपीय देशों से की अपील
बर्लिन में पहलवी ने यूरोपीय देशों से अपील करते हुए कहा कि कि वो लोकतंत्र के लिए संघर्ष कर रहे ईरानी लोगों का समर्थन करने के लिए और अधिक प्रयास करें। उन्होंने दावा किया कि पिछले 2 हफ्तों में ईरानी अधिकारियों की ओर से 19 राजनीतिक कैदियों को मौत की सजा दी गई है। 20 अन्य लोगों को भी मौत की सजा सुनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि क्या आजाद दुनिया कुछ करेगी, या फिर इस नरसंहार को चुपचाप देखती रहेगी।
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