मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर शनिवार को गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश रूस में अलगाववाद (separatism) को बढ़ावा दे रहे हैं और आतंकवाद जैसे खतरनाक हथियार का इस्तेमाल कर रूस को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। पुतिन ने यह बयान बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के सम्मेलन के दौरान दिया। पुतिन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'जब तक इस्लामिक स्टेट रूस के खिलाफ काम करता रहा, किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मॉस्को में धमाके हुए, और आज भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं। लेकिन कोई इसकी परवाह नहीं करता, क्योंकि यह सब रूस के खिलाफ है।'
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'पश्चिमी देशों ने अपने वादों को बार-बार तोड़ा है'
पुतिन ने आगे कहा कि पश्चिमी देशों ने हमेशा रूस के खिलाफ अलगाववाद को बढ़ावा दिया है और आतंकवाद को रूस के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। रूस के सरकारी चैनल रशिया टुडे के हवाले से पुतिन ने कहा कि मॉस्को अब पश्चिम के साथ 'एकतरफा खेल' नहीं खेलेगा। उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि पश्चिमी देशों ने नाटो (NATO) के विस्तार और यूक्रेन संकट को सुलझाने के वादों को बार-बार तोड़ा है। पुतिन ने कहा, 'पश्चिमी देश रूस की आक्रामकता की बात करके अपनी रक्षा खर्च को बढ़ाने और यूरोप में सैन्य तैनाती को जायज़ ठहरा रहे हैं। लेकिन वे यह नहीं बताते कि यूक्रेन संकट की जड़ें कहां से शुरू हुईं।'
रूस अब पश्चिमी देशों के वादों पर भरोसा नहीं करेगा
पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन संकट की शुरुआत तब हुई जब NATO का विस्तार न करने का वादा करने के बावजूद पश्चिमी देशों ने ऐसा किया। उन्होंने कहा, 'रूस की सुरक्षा चिंताओं को हमेशा नज़रअंदाज़ किया गया। यह आक्रामक व्यवहार नहीं तो और क्या है? लेकिन पश्चिम इस पर ध्यान नहीं देना चाहता।' पुतिन का यह बयान रूस और पश्चिमी देशों के बीच यूक्रेन संकट को लेकर बढ़ते तनाव के बीच आया है। नाटो अपने सदस्य देशों के रक्षा खर्च को GDP का 5 प्रतिशत करने की योजना बना रहा है, जिसे पुतिन ने रूस के खिलाफ एक और कदम बताया। यह बयान रूस-पश्चिम संबंधों में एक नया तनाव पैदा कर सकता है। पुतिन ने साफ कर दिया है कि रूस अब पश्चिमी देशों के वादों पर भरोसा नहीं करेगा और अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगा। (पीटीआई)