Putin on US Iran war: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध पर बड़ा बयान सामने आया है। पुतिन मौजूदा ईरान युद्ध की स्थिति को कोरोना महामारी से भी बदतर करार दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान संघर्ष में शामिल पक्ष भी यह नहीं बता सकते कि आगे क्या होगा, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था तेजी से दरक रही है।
युद्ध में शामिल पक्षों को भी आगे का कुछ पता नहींः पुतिन
पुतिन ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान-युद्ध की वर्तमान स्थिति को काफी विशेषज्ञ कोरोनावायरस महामारी से भी बदतर मान रहे हैं। हालात यह हैं कि ईरानी संघर्ष के प्रतिभागी भी अगले घटनाक्रम की भविष्यवाणी नहीं कर सकते। पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध तेज हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़, तेल निर्यात में व्यवधान और मिसाइल हमलों ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है।
कच्चे तेल की कीमतें छू रहीं आसमान
इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं, जो युद्ध शुरू होने से पहले से 40 प्रतिशत अधिक है। एशियाई शेयर बाजार गिर रहे हैं, मुद्रास्फीति बढ़ रही है और कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचा तो यह कोविड-19 महामारी की तरह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार और ऊर्जा बाजार को वर्षों तक प्रभावित कर सकता है। रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी पक्ष-चाहे अमेरिका हो, इजरायल हो या ईरान...युद्ध के पूर्ण परिणामों का अनुमान नहीं लगा सकता।
पुतिन ने की अमेरिकी नीतियों की आलोचना
पुतिन ने अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इस संघर्ष ने दुनिया को अनिश्चितता के गहरे समुद्र में धकेल दिया है। विश्लेषकों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने या गंभीर रूप से प्रभावित होने से विश्व के 20 प्रतिशत तेल परिवहन प्रभावित हो सकता है। इससे यूरोप, एशिया और अफ्रीका में तेल की कमी, महंगाई और आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ गया है। पुतिन ने जोर दिया कि युद्ध से न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक नुकसान हो रहा है। रूस खुद तेल निर्यातक देश होने के कारण अल्पावधि में फायदा उठा रहा है, लेकिन लंबे समय में वैश्विक मंदी उसकी अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती है।