वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा सीरियाई शासन के खिलाफ ‘बेहतर ढंग से’ किए गए हमलों की प्रशंसा की और घोषणा की, ‘मिशन पूरा हो गया है।’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि संयुक्त अभियान का मकसद रसायनिक हथियारों के उत्पादन, इसे फैलाने और इसके प्रयोग के खिलाफ ‘कड़ा निवारक’ पैदा करना था। हमले के बाद पहली प्रतिक्रिया में ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘कल रात बेहतर ढंग से हमला किया गया। फ्रांस और ब्रिटेन को उनकी बुद्धिमत्ता तथा उनकी शानदार सेना की शक्ति को धन्यवाद।’
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ट्रंप ने कहा, ‘परिणाम इससे बेहतर नहीं हो सकते थे। मिशन पूरा हुआ।’ कांग्रेस सदस्य वर्न बुकानैन ने कहा कि सीरिया पर अमेरिका, ब्रिटेन तथा फ्रांस के बलों द्वारा हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित रसायनिक हथियारों के असद द्वारा प्रयोग पर नपी-तुली प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष में अपनी भूमिका नहीं बढाना या रूसी सैन्य कार्रवाई को नहीं उकसाना महत्वपूर्ण है। आपको बता दें कि अमेरिका और सहयोगी देशों द्वारा की गई इस कार्रवाई से रूस और ईरान बुरी तरह तिलमिलाए हुए हैं, वहीं चीन ने भी इन हमलों को लेकर अपनी नाखुशी जाहिर की है।
वहीं, इस हमले के बाद फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां यवेस लि दरियान ने शनिवार को दावा किया कि ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका द्वारा सीरिया पर किए गए इन मिसाइल हमलों में सीरिया के रसायनिक हथियारों के भंडार के ‘बड़े हिस्से’ को ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब सीरिया ने सबक सीख लिया है। जबकि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा कि सीरिया में ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका द्वारा हवाई हमला रसायनिक हथियारों के खिलाफ ‘स्पष्ट संदेश’ है। उन्होंने इस हमले की कार्रवाई को सफल बताया।