वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा आगामी शिखर वार्ता ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) में यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं से रूस के खिलाफ प्रतिबंध जारी रखने का आग्रह करेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने शुक्रवार को खबर दी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के यूरोपियाई मामलों के वरिष्ठ निदेशक चार्ल्स कुपचैन ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ओबामा के जी7 शिखर वार्ता के लिए जर्मनी जाने का आान किया।
उन्होंने कहा, "हम विशेष रूप से उस संघर्ष के बढ़ने को लेकर चिंतित हैं, जो हमने बीते 24 से 48 घंटों में यूक्रेन में देखा है।"
चार्ल्स ने कहा कि जी7 नेताओं के लिए रूस के लोगों पर दबाव बनाने और यूक्रेन में भावी नतीजों के लिए एक आम सहमति बनाने के लिए इस पर चर्चा करना जरूरी है कि मिन्स्क समझौता कैसा लागू हो।
जी7 की संभावित प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने कहा कि वाशिंगटन की प्राथमिकता रूस के खिलाफ प्रतिबंध बरकरार रखना है। अमेरिका का आरोप है कि रूस, विद्रोही बलों का आश्रयदाता है।
रोड्स ने कहा कि ओबामा जी7 शिखर वार्ता के लिए रविवार को जर्मनी आएंगे। वह जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।
जी7 एक राष्ट्र समूह है, जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, युनाइटेड किंगडम (यूके) और जापान शामिल है।
जी7 समूह ने मार्च 2014 को क्रीमिया संकट के लिए रूस की भूमिका को जिम्मेदार ठहराया और इसकी सदस्यता रद्द करने के लिए वोट किया।