दोहा: इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में हमास नेतृत्व के ठिकानों पर बमबारी की थी। इजरायल के इस कदम के बाद अरब मुल्कों में हड़कंप मचा हुआ है। इस हमले के बाद कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने बड़ा बयान दिया था। थानी ने कहा था कि इजरायली हमलों के बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई की ‘हर उम्मीद खत्म कर दी है।’
'अमेरिका का सहयोगी है कतर'
कतर के प्रधानमंत्री के बाद अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कतर को अमेरिका का एक बड़ा सहयोगी बताया है। ट्रंप का यह बयान इजरायल के लिए एक बड़े मैसेज के रूप में देखा जा रहा है। इतना ही नहीं ट्रंप ने कतर के साथ इजरायल को अपने व्यवहार में सावधानी बरतने की चेतावती भी दी है। अमेरिका के आग्रह पर कतर ने वर्षों से दोहा में हमास के राजनीतिक नेतृत्व को आश्रय दिया है, ताकि इजरायल और हमास के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी रहें।
ट्रंप ने क्या कहा?
दरअसल, ट्रंप से सवाल पूछा गया था कि क्या कतर में हमास नेताओं पर हुए इजरायली हमलों के संबंध में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कोई मैसेज देना है? इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, "मेरा मैसेज है कि उन्हें बहुत-बहुत सावधान रहना होगा। उन्हें हमास के बारे में कुछ करना होगा, लेकिन कतर अमेरिका का एक बड़ा सहयोगी रहा है।" न्यू जर्सी के मॉरिसटाउन एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी एक शानदार शख्स हैं।
अब तुर्किए को सता रहा है हमले का डर
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, कतर में हमास के ठिकानों पर इजरायल की ओर से की गई बमबारी के बाद तुर्किए घबराया हुआ नजर आ रहा है। दोहा में हमले के बाद तुर्किए में यह चिंता गहराती जा रही है कि अगला निशाना वो हो सकता है। तुर्किए रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रियर एडमिरल जेकी अकतूर्क ने हाल ही में कहा था कि कतर में किए गए लापरवाह हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।
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