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अमेरिका में हुआ कांग्रेसनल हिंदू कॉकस का उद्घाटन, हिंदुओं के लिए कानून बनवाने में होगा अहम रोल

 Published : Nov 17, 2023 12:04 pm IST,  Updated : Nov 17, 2023 12:07 pm IST

अमेरिका में कांग्रेसनल हिंदू कॉकस के भव्य उद्घाटन के मौके पर इसके पॉलिसी एडवाईजर शलभ "शल्ली" कुमार ने कहा कि यह कॉकस हिंदू अमेरिकी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण कानून बनाने और प्रस्ताव पारित करने में सक्रिय रूप से शामिल होगा।

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कांग्रेसनल हिंदू कॉकस के उद्घाटन समारोह में अमेरिकी कांग्रेस के 18 सदस्यों ने भाग लिया। Image Source : INDIA TV

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में कांग्रेसनल हिंदू कॉकस का भव्य उद्घाटन हुआ। इस मौके पर इसके पॉलिसी एडवाईजर शलभ "शल्ली" कुमार ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर सराहना की। शल्ली ने कहा कि यह राष्ट्रपति ट्रंप ही थे जिन्होंने अमेरिका में हिंदू समुदाय की प्रासंगिकता को पहली बार पहचाना था। उन्होंने कहा कि आने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के 150 से अधिक सदस्यों ने कांग्रेसनल हिंदू कॉकस का सदस्य बनने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिससे यह अमेरिकी कांग्रेस के सबसे बड़े कॉकस में से एक बन जाएगा।

‘समुदाय के लिए कानून बनाने में होगा शामिल’

शलभ कुमार ने कहा कि यह कॉकस हिंदू अमेरिकी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण कानून बनाने और प्रस्ताव पारित करने में सक्रिय रूप से शामिल होगा। वॉशिंगटन डीसी के होटल हयात रिजेंसी में आयोजित इस उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता एलिस स्टेफनिक ने की और इसमें अमेरिकी कांग्रेस के 18 सदस्यों ने भाग लिया। इस मौके पर शलभ कुमार ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहली बार 15 अक्टूबर 2016 को एक हिंदू अमेरिकी रैली में भाग लिया था और हिंदू समुदाय की प्रासंगिकता को पहचानते हुए कहा था कि 'हम हिंदुओं से प्यार करते हैं' और 'हम भारत से प्यार करते हैं।'

‘आप नास्तिक होकर भी हिंदू हो सकते हैं’

हिंदू धर्म के बारे में बोलते हुए शलभ कुमार ने कहा, ‘हिंदू कोई धर्म नहीं है, यह जीवन जीने का एक तरीका है, यह समृद्ध परंपराओं वाली संस्कृति है। हिंदुओं के पास बाइबल जैसी एक ईश्वर या एक पवित्र पुस्तक नहीं है। आप नास्तिक हो सकते हैं और फिर भी हिंदू हो सकते हैं। हिंदुओं को यह सवाल करने, बहस करने और यहां तक कि बहस करने की अनुमति है कि क्या भगवान है या यह सिर्फ एक शक्तिशाली शक्ति है। यही एक कारण है, हिंदू धर्मनिरपेक्ष और अत्यंत सहिष्णु हैं। हिंदू सनातन धर्म में विश्वास करते हैं, जो सदाचार और सच्चे जीवन के शाश्वत और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों का एक सेट प्रदान करता है जो कि ईसाई और यहूदी धर्म में भी हैं।’

‘हर 8 में से एक मेडिकल प्रोफेशनल हिंदू’

हिंदू अमेरिकियों द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों पर बोलते हुए शलभ कुमार ने कहा, ‘अमेरिका में 6 मिलियन हिंदू अमेरिकियों में से 75% से ज्यादा के पास स्नातक की डिग्री है, 55% से ज्यादा के पास मास्टर डिग्री है, 8 मेडिकल प्रोफेशनल्स में से एक हिंदू है, 10 में से एक के पास कोई न कोई बिजनस है, और कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां हिंदू शीर्ष पर या इसके आसपास न हों। सभी हाई टेक स्टार्ट-अप में से 20% का स्वामित्व हिंदू अमेरिकियों के पास है और फॉर्च्यून 100 की कंपनियों में हिंदू सीईओ, सीटीओ, सीएफओ की सूची हर दिन बढ़ रही है। हिंदू अमेरिकी परिवारों की प्रति परिवार औसत आय $135,000 प्रति वर्ष है, जो देश के सभी समुदायों में सबसे अधिक है।’

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Image Source : INDIA TVकांग्रेसनल हिंदू कॉकस की अध्यक्ष एलिस स्टेफनिक और पॉलिसी एडवाईजर शलभ "शल्ली" कुमार।

‘आजादी चाहने वालों के लिए खतरा है चीन’

शलभ कुमार ने इस मौके पर चीन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘चीन की कम्युनिष्ट पार्टी (CCP) सभी स्वतंत्रता प्रेमी लोगों के अस्तित्व के लिए खतरा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुले तौर पर घोषणा की है कि 2049 यानी कि चीन की 100वीं वर्षगांठ तक, वह पृथ्वी पर एकमात्र महाशक्ति होगी। अमेरिका की 2% की तुलना में 8% की औसत जीडीपी वृद्धि दर के साथ चीनी अर्थव्यवस्था हमारी अर्थव्यवस्था से दोगुनी होगी और उसका सैन्य बजट भी कम से कम दोगुना होगा। हमें इस स्थिति को बदलना होगा।’ उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर “Chinese Colonization Of America And The Only Man Who Can Stop It” नाम से किताब भी लिख रहे हैं।

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