Pakistan PM Shahbaz Sharif In Board of Peace Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ कुछ अलग ही बर्ताव किया है। ट्रंप ने अपनी ही तारीफ करते हुए शरीफ को खड़े होने का आदेश दे दिया। यह घटना बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक के दौरान हुई जहां ट्रंप भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को रोकने का श्रेय लेते हुए नजर आए। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की थी और यदि लड़ाई नहीं रुकने पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ''पाकिस्तान और भारत, यह बड़ा मामला था। मुझे लगता है कि आपको (शरीफ) खड़ा होना चाहिए। आइए, जरा खड़े हो जाइए। पाकिस्तान और भारत, बहुत-बहुत धन्यवाद।'' इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर कहा कि शरीफ ने यह दावा किया था कि ट्रंप ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराकर 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई''
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शांति समझौता कराने के लिए टैरिफ नीति को दबाव के तौर पर इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “मैंने दोनों को फोन किया। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत अच्छी तरह जानता हूं। मैंने उनसे कहा कि अगर आप लोग यह मामला नहीं सुलझाते तो मैं आप दोनों के साथ व्यापार समझौता नहीं करूंगा और फिर अचानक हम एक समझौते पर पहुंच गए।”
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में भारत-पाक संघर्ष में 'सीजफायर' के लिए अमेरिरी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया। शरीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय हालात बेहद संवेदनशील हो गए थे और दोनों पक्षों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा था।
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, भारत ने पिछले साल मई में हुए सैन्य टकराव में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के सभी दावों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष रोकने पर सहमति दोनों देशों की सेनाओं के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी। भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत की ओर से यह कार्रवाई आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर की गई थी। ऑपरेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था।
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