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‘पुतिन लड़ाई रोक दें तो बातचीत हो सकती है’, संयुक्त बयान में बोले बाइडेन और मैक्रों

 Published : Dec 02, 2022 12:28 pm IST,  Updated : Dec 02, 2022 12:28 pm IST

बाइडेन ने यह जरूर कहा कि पुतिन द्वारा जंग खत्म करने की सूरत में वह उनसे बात कर सकते हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर जंग जारी रहती है तो रूस के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाए रखेंगे।

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन। Image Source : AP

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में दोनों ने कहा कि अगर रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन यूक्रेन के साथ अपनी जंग खत्म करते हैं तो वह उनसे बात करेंगे। बता दें कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से बाइडेन ने पुतिन का लगातार विरोध किया है, जबकि मैक्रों ने रूसी राष्ट्रपति के साथ बातचीत के रास्ते हमेशा खुला रखा है।

मैक्रों के सम्मान में बाइडेन ने दिया भोज

हालांकि बाइडेन और मैक्रों ने जंग जारी रहने की सूरत में रूस के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाए रखने का संकल्प भी व्यक्त किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने जलवायु कानून के पहलुओं को बदलने के लिए तैयार हो सकते हैं जिस पर फ्रांस और अन्य यूरोपीय सहयोगियों ने चिंता जताई है। बाइडेन ने मैक्रों के सम्मान में गुरुवार की शाम को एक राजकीय भोज का आयोजन किया। कोविड-19 के बाद किसी विदेशी नेता के लिये अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से दिया गया यह पहला भोज था।

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Image Source : APरूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन।

‘बर्बरता के खिलाफ हम एक साथ खड़े हैं’
मतभेदों के बावजूद बाइडेन और मैक्रों ने इस बात को जताने की कोशिश की कि अमेरिका और फ्रांस के बीच ठोस गठबंधन बना हुआ है। साथ ही यह भी दिखाने की कोशिश रही कि पश्चिमी देशों को यूक्रेन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध के खिलाफ दृढ़ रहना चाहिए। बाइडेन ने कहा, ‘जैसा कि मैने पहले भी कहा है, आज फिर दोहराता हूं कि इस बर्बरता के खिलाफ हम एक साथ खड़े होने जा रहे हैं।’ बता दें कि बाइडेन को रूस के खिलाफ यूरोपीय देशों से जिस तरह के समर्थन की उम्मीद की थी, कुछ देशों से वैसा समर्थन नहीं मिला।

‘पुतिन जो सोच रहे हैं उसमें सफल नहीं होंगे’
बाइडेन ने आगे कहा, ‘पुतिन सोचते हैं कि यूक्रेन में नागरिक संरचनाओं पर हमला करके, कीमत बढ़ाने के लिए यूरोप को ऊर्जा की आपूर्ति बंद कर और खाद्य संकट को बढ़ा कर वह अपनी साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षा का विरोध करने वाले सभी लोगों की इच्छाओं का दमन कर सकते हैं। यह न केवल यूक्रेन के बल्कि पूरी दुनिया के संवेदनशील लोगों को परेशान करने वाला है और वह इसमें सफल नहीं होंगे।’ वहीं, मैक्रों ने कहा, ‘यूक्रेन में जो कुछ दांव पर लगा है, उसका असर सभी पर होने वाला है।’

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