वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान में शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ग्लोबल एनर्जी मार्केट से राहत वाली खबर सामने आई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने डील पर साइन होने पर खुशी जताते हुए दावा किया है कि शांति के प्रयासों का पॉजिटिव असर अब नजर आने लगा है। जेडी वेंस के मुताबिक, Strait of Hormuz से तेल की आवागमन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर प्रेशर कम हुआ है।
Hormuz से गुजरा लगभग 1.25 करोड़ बैरल कच्चा तेल
जेडी वेंस बोले कि बीती रात Strait of Hormuz से लगभग 1.25 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरा, जो मध्य-पूर्व में जंग शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा नंबर है। जेडी वेंस ने इसे अमेरिका की कोशिशों और खाड़ी में टेंशन कम होने का नतीजा बताया। जान लें कि Strait of Hormuz, विश्व के सबसे अहम ऊर्जा के समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया की तेल आपूर्ति का बड़ा भाग गुजरता है।
संघर्ष के बाद पहली बार 4 डॉलर कम हुए गैस के दाम
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अनुसार, ऑयल सप्लाई बढ़ने के साथ ही इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम भी संघर्ष शुरू होने के पहले के स्तर के पास पहुंच गए हैं। इसका प्रभाव आम उपभोक्ताओं पर भी जल्द नजर आएगा। जेडी वेंस ने बताया कि पेट्रोल और गैस के दाम में लगातार गिरावट आ रही है। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद पहली बार बार ऐसा हुआ है कि गैस की कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन तक कम हो गई है।
कच्चे तेल और गैस की कीमत में कमी की संभावना
जेडी वेंस ने भरोसा जताया कि आगामी दिनों में ऊर्जा के दाम में और भी कमी हो सकती है। मार्केट में पर्याप्त आपूर्ति और कम होती जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण कच्चे तेल की कीमत नीचे बने रहने की संभावना है।
डील कायम रही तो पूरी दुनिया को होगा आर्थिक फायदा
माना जा रहा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच हुई डील आगे भी कायम रहती है और Strait of Hormuz से कच्चे तेल आपूर्ति लगातार बनी रहती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर आ सकता है। ऊर्जा के दामों में कमी से महंगाई पर कंट्रोल और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ोतरी मिलने की उम्मीद है।
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