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450 करोड़ का इनाम और ड्रग तस्करी का इल्जाम, जानें अमेरिका के लिए विलेन क्यों बने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो?

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Jan 03, 2026 06:09 pm IST,  Updated : Jan 03, 2026 06:55 pm IST

वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को पकड़कर अमेरिका ले जाया गया है। अब सवाल है कि क्या अमेरिका में उनपर मुकदमा चलेगा, और किन आरोपों के साथ उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

nicolas maduro arrest- India TV Hindi
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अमेरिका का गुनहगार बनने की कहानी। Image Source : AP (फाइल फोटो)

US Venezuela Tension: कैरिबियन सी में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सैनिक, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर देश से बाहर ले गए हैं. अमेरिका लंबे समय से मादुरो का विरोध कर रहा था और अब आखिरकार उसने उन्हें पकड़ लिया है। माना जा रहा है कि पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा की तरह मादुरो पर भी अमेरिका में मुकदमा चलाया जा सकता है। इस खबर में जानिए कि निकोलस मादुरो, अमेरिका के लिए विलेन क्यों बने, उनके सिर पर 450 करोड़ रुपये का इनाम कैसे हो गया और उनपर ड्रग तस्करी समेत क्या-क्या आरोप अमेरिका ने अबतक लगाए हैं।

मादुरो क्यों विलेन बन गए?

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की वेबसाइट के मुताबिक, अमेरिका का मानना है कि ह्यूगो चावेज की मौत के बाद निकोलस मादुरो मोरोस 2013 में वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने। फिर 2018 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने अपनी जीत की घोषणा कर दी। लेकिन 2019 में वेनेजुएला की नेशनल असेंबली ने संविधान की आड़ लेते हुए ऐलान किया कि मादुरो ने सरकार पर कब्जा कर लिया है। वह वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति नहीं हैं।

मादुरो पर अमेरिका के आरोप

अमेरिका समेत 50 से ज्यादा देशों ने 2019 से अब तक मादुरो को वेनेजुएला का हेड ऑफ स्टेट मानने से इनकार कर दिया है। वेनेजुएला राष्ट्रपति चुनाव 2024 में भी मादुरो ने खुद को विजयी घोषित कर दिया, जबकि इसके विपरीत सबूत सामने आए। इस विवादित इलेक्शन के बाद अमेरिका सहित कई देशों ने निकोलस मादुरो को 2024 के चुनाव में वैध तौर से चुना गया राष्ट्रपति मानने से मना कर दिया।

नार्को-टेररिज्म से मादुरो का कथित कनेक्शन

मादुरो ने 'कार्टेल ऑफ द सन्स' नामक वेनेजुएला के Drug Trafficking Organization को न केवल संभाला बल्कि बाद में उसको लीड भी किया। यह संगठन वेनेजुएला के बड़े अधिकारियों से मिलकर बना था। सरकार में आने के बाद मादुरो ने रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज ऑफ कोलंबिया (FARC), जिसे अमेरिका ने आतंकी आउटफिट घोषित किया हुआ है, के साथ मिलकर एक करप्ट और हिंसक नार्को-टेररिज्म साजिश में भाग लिया।

मादुरो पर लगाया ड्रग डील का आरोप

आरोप है कि मादुरो ने रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज ऑफ कोलंबिया की तरफ से तैयार किए गए कई टन कोकीन की स्मगलिंग की डील तय की। फिर कार्टेल ऑफ द सन्स के माध्यम से FARC को हथियार मुहैया कराए गए। मादुरो ने होंडुरास और अन्य देशों के ड्रग स्मगलर्स के साथ मिलकर नशीले पदार्थों की स्मगलिंग को आसान बनाया। FARC लीडरशिप से एक अवैध मिलिशिया ग्रुप को ट्रेनिंग दिलाने में मदद मांगी, जो कार्टेल ऑफ द सन्स की हथियारबंद सेना है।

450 करोड़ जितना बड़ा इनाम कैसे हुआ?

अमेरिका के न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मार्च, 2020 में निकोलस मादुरो पर नार्को-टेररिज्म, कोकीन इम्पोर्ट की साजिश, विनाशकारी हथियार रखने और ऐसे हथियार रखने की साजिश के आरोप तय हुए। फिर 2020 में ईनाम का ऐलान किया गया कि जो मादुरो को पकड़वाने में मदद करेगा उसको 15 मिलियन डॉलर यानी करीब 125 करोड़ भारतीय रुपये दिए जाएंगे। फिर 10 जनवरी, 2025 को इनाम को बढ़ाकर 25 मिलियन डॉलर किया गया। इसके बाद 7 अगस्त, 2025 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इनाम की राशि 50 मिलियन डॉलर कर दी, जो भारत के करीब 450 करोड़ रुपये के बराबर है।

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