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बिहार के इस इलाके में 20 साल बाद खुले पोलिंग बूथ, SP की हत्या के बाद सस्पेंड हो गई थी वोटिंग

 Published : Nov 06, 2025 02:32 pm IST,  Updated : Nov 06, 2025 02:32 pm IST

बिहार के मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित भीमबांध इलाके में 20 साल बाद मतदान हुआ। 2005 में एसपी सुरेंद्र बाबू की हत्या के बाद यहां पोलिंग बंद थी। ग्रामीणों ने लोकतंत्र की वापसी और सुरक्षा इंतजामों पर खुशी जताई है।

Bihar election 2025, Munger polling booth reopen, Bhimbandh voting after 20 years- India TV Hindi
बिहार में एक पोलिंग बूथ पर मतदान के लिए कतार में खड़े मतदाता। Image Source : ANI

मुंगेर: नक्सलवाद की छाया से लंबे समय से जूझ रहे मुंगेर जिले के भीमबांध इलाके में 20 साल बाद मतदान हुआ। साल 2005 में एसपी सी सुरेंद्र बाबू और 7 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद यहां पोलिंग बूथ बंद हो गए थे। लेकिन इस बार 3 विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग हुई। गांव वाले खुश हैं कि अब उनके दरवाजे पर लोकतंत्र की बहार आई है। मुंगेर जिले की तीन विधानसभा सीटों पर मतदान सुबह से ही जोरों पर रहा। नक्सल प्रभावित भीमबांध में 7 पोलिंग बूथ दोबारा खोले गए। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की भारी तैनाती से सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम था।

'बूथ 20 किलोमीटर दूर चले गए थे'

तारापुर विधानसभा के बूथ नंबर 310 पर वन विभाग के रेस्ट हाउस में 374 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें 170 महिलाएं शामिल हैं। सभी ने बेझिझक वोट डाला। 81 साल के बुजुर्ग मतदाता विशुन देव सिंह ने 20 साल बाद वोट डालकर खुशी जताई। उन्होंने कहा, '2005 से पहले हम अपने गांव में ही वोट डालते थे, लेकिन नक्सलियों की वारदातों की वजह से बूथ 20 किलोमीटर दूर चले गए। बुजुर्ग और महिलाओं को इतनी दूर जाना मुश्किल होता था। आज 20 साल बाद गांव में वोटिंग हुई, हम बहुत खुश हैं।' उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार का शुक्रिया अदा किया।

'हमारे गांव में 20 साल बाद वोटिंग हो रही'

पहली बार वोट डालने वाले 18 साल के बादल प्रताप ने उत्साह भरी आवाज में कहा, 'हमारे गांव में 20 साल बाद वोटिंग हो रही है। लोकतंत्र में हिस्सा लेने का मौका मिला, बहुत खुशी हो रही है।' एक और ग्रामीण दिलखुश ने बताया कि पोलिंग बूथ की वापसी से न सिर्फ लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि इलाके में विकास और शिक्षा के नए दरवाजे खुलेंगे। महिला मतदाता नीला देवी ने राहत की सांस ली और कहा, 'पहले जंगल पार करके वोट डालने जाते थे। अब बूथ पास में है, सुविधा अच्छी है और सुरक्षा का एहसास है।'

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'ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिख रही'

सेक्टर मजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने पुष्टि की कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रहा है। उन्होंने कहा, 'यह इलाका 20 साल बाद वोट डाल रहा है, ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिख रही है। केंद्रीय बल तैनात हैं और लगातार गश्त हो रही है।' बूथ पर मौजूद एक सरकारी अफसर ने बताया, 'लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए हमने पूरी कोशिश की। उन्हें भयमुक्त होकर वोट डालने की गारंटी दी। जागरूकता अभियान चलाए गए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग हिस्सा लें।' एक अन्य ग्रामीण ने कहा, 'पहले हालात ठीक नहीं थे, लेकिन अब अमन है। सुरक्षा कैंप और सरकारी सुविधाओं से जिंदगी आसान हुई। जंगल में शांति से रह रहे हैं और बच्चे-बुजुर्ग सब खुशी-खुशी वोट डाल रहे हैं।'

2020 के चुनाव में हुई थी एनडीए की जीत

बिहार चुनावों के लिए पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हुई। बाकी 122 सीटों पर 11 नवंबर को वोटिंग होगी और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। कुल 243 सीटों वाले बिहार में करीब 3.75 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकांश जगहों पर आज शाम 6 बजे तक मतदान चलेगा, लेकिन सुरक्षा कारणों से कुछ जगहों पर 5 और 4 बजे तक ही वोटिंग होगी। साल 2020 के चुनाव में NDA ने कुल मिलाकर 125 सीटें जीती थीं, जबकि विपक्ष को 110 सीटें मिली थीं। (ANI)

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