जनता दन यूनाइटेड के विधायक अनंत सिंह सोमवार को जेल से बाहर आएंगे। पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार (19 मार्च) को ही उन्हें जमानत दे दी, लेकिन वह चार दिन बाद सोमवार (23 मार्च) को जेल से बाहर आएंगे। गुरुवार को अनंत सिंह का बेलबॉन्ड नहीं भरा जा सका। इस वजह से वह जमानत मिलने के बावजूद जेल से बाहर नहीं आ पाए। अब शुक्रवार को जुम्मे की आखिरी नमाज के चलते पटना सिविल कोर्ट बंद रहेगा। वहीं, शनिवार और रविवार को सिविल कोर्ट बंद रहता है। ऐसे में अब कोर्ट सोमवार को खुलेगा और उसी दिन अनंत सिंह का बेलबॉन्ड भरा जाएगा। इसके बाद वह जेल से बाहर आ पाएंगे।
पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए अनंत सिंह को जमानत दे दी। वह दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेल में बंद हैं। पटना में विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थन में प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। अनंत सिंह इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। अनंत सिंह को चुनाव प्रचार के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, इसके बाद भी लोगों ने उन्हें प्रचंड बहुमत से जीत दिलाई और वह मोकामा के सांसद चुने गए।
एक नवंबर को गिरफ्तार हुए थे अनंत सिंह
अनंत सिंह को एक नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और उन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। उन्होंने मोकामा विधानसभा सीट से जेल में रहते हुए चुनाव जीता था और राष्ट्रीय जनता दल की वीणा सिंह को 28,000 से अधिक मतों से हराया था। न्यायमूर्ति रुद्र प्रकाश मिश्रा की पीठ ने 15,000 रुपये के मुचलके पर सिंह को जमानत प्रदान की। अदालत ने आदेश में कहा, "याचिकाकर्ता मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा और न ही किसी गवाह को प्रभावित या धमकाएगा।"
मोकामा में 1990 से अनंत सिंह के परिवार का कब्जा
दुलारचंद यादव चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे। यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हृदय और फेफड़ों में भारी वस्तु से लगी चोट के कारण पहुंचे आघात से कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर के कारण उनकी मौत हुई। मोकामा विधानसभा सीट पर 1990 से सिंह के परिवार का कब्जा रहा है फिर चाहे सरकारी किसी भी पार्टी की रही हो। अनंत सिंह ने वर्ष 2022 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम से जुड़े एक मामले में दोषसिद्धि के कारण विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने पर यह सीट छोड़ दी थी। सीट पर हुए उपचुनाव में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने जीत हासिल की थी। उच्च न्यायालय ने हालांकि बाद में उन्हें उस मामले में बरी कर दिया था।
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