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बिहार चुनाव 2025: खगड़िया विधानसभा सीट में किलका पलड़ा भारी? जानें चुनावी समीकरण

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Aug 23, 2025 05:33 pm IST,  Updated : Nov 12, 2025 12:52 pm IST

छत्रपति यादव खगड़िया से मौजूदा विधायक हैं, लेकिन उन्हें 2020 में एलजेपी और जदयू के बीच टकराव का फायदा मिला था। इस बार एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है। ऐसे में एनडीए का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

bihar assembly election 2025- India TV Hindi
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 Image Source : INDIA TV

बिहार में विधानसभा चुनाव अक्टूबर और नवंबर में होने हैं। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रशांत किशोर काफी पहले से यहां जनसुराज यात्रा निकाल रहे हैं और लोगों के बीच जा रहे हैं। वहीं, इंडिया गठबंधन के लिए तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की वोटर बचाओ यात्रा भी जारी है। यहां नीतीश कुमार की अगुआई वाली सरकार का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की पूरी प्रक्रिया 22 नवंबर 2025 से पहले समाप्त होनी जरूरी है। यहां अक्टूबर-नवंबर के महीने में चुनाव होने हैं। आइए जानते हैं कि खगड़िया विधानसभा सीट के समीकरण क्या हैं। इस विधानसभा सीट पर छह नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा।

बिहार की खगड़िया विधानसभा सीट में फिलहाल कांग्रेस का विधायक है, लेकिन कांग्रेस यहां सबसे मजबूत पार्टी नहीं है। 2020 में कांग्रेस ने आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। वहीं, एलजेपी ने बगावती रुख अपनाया था। इसका असर यह हुआ कि जेडीयू उम्मीदवार के वोट कट गए और कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली। इस बार एनडीए गठबंधन और इंडिया गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है। ऐसे में मुकाबला कांटे का हो सकता है। हालांकि, चिराग पासवान का साथ एनडीए गठबंधन का पलड़ा भारी कर रहा है।

2024 में एनडीए उम्मीदवार को मिली जीत

2024 लोकसभा चुनाव में यहां एनडीए गठबंधन ने लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राजेश वर्मा को टिकट दिया था। उन्होंने 50 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर हासिल करते हुए जीत दर्ज की थी। वहीं, इंडिया गठबंधन ने सीपीएम को यह सीट सौंपी थी, जिसे 38 फीसदी वोट मिले थे। ऐसे में विधानसभा चुनाव भी रोचक हो सकते हैं। यहां 13 फीसदी मतदाता मुस्लिम और 10 फीसदी मतदाता यादव हैं। प्रशांत किशोर की जन सुराज यात्रा ने भी भारी भीड़ उमड़ी है। ऐसे में जातीय समीकरण से इतर मतदान होने के आसार हैं। ऐसा होने पर यहां के समीकरण रोचक बन सकते हैं और कांटे की टक्कर हो सकती है।

कब किसे मिली जीत?

2020 में कांग्रेस के छत्रपति यादव ने जदयू की पूनम कुमारी को महज तीन हजार वोट से हराया था। इसमें अहम योगदान एलजेपी की रेनु कुमारी का था, जिन्होंने 20 हजार से ज्यादा वोट हासिल कर जदयू के वोट काटने का काम किया था। इस सीट पर 1951 से चुनाव हो रहे हैं। 17 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पांच बार और जनता दल (यूनाइटेड) ने तीन बार जीत हासिल की है। संयुक्त समाजवादी पार्टी, निर्दलीय उम्मीदवारों और भाजपा को दो-दो बार इस सीट पर जीत मिली है। वहीं, जनता पार्टी, सीपीआई और एलजेपी ने एक-एक बार विजय पाई है। हालांकि, अब सभी दल गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में एनडीए गठबंधन मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।

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