कैमूरः बिहार में 6 और 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां जोरों पर हैं। कैमूर जिले में भी चुनावी माहौल गर्म है। जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जा रहे हैं और अभी से ही अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। रामगढ़ सीट पर इस साल होने वाला चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है।
रामगढ़ के बारे में जानें
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र कैमूर जिले में आती है। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र 1951 में स्थापित हुआ था। करीब 169 वर्ग किलोमीटर में फैले इस निर्वाचन क्षेत्र में रामगढ़ प्रखंड, नुआंव और दुर्गावती सामुदायिक विकास प्रखंड भी शामिल हैं। यहां की भोजपुरी मुख्य भाषा है, हालांकि हिंदी और उर्दू भी बोली जाती है। यह सीट ग्रामीण बहुल है।
रामगढ़ में किसको कितनी बार मिली जीत
रामगढ़ सीट बनने के बाद 2024 के उपचुनावों समेत यहां पर 19 बार चुनाव हुए हैं। इनमें से छह बार आरजेडी, चार बार कांग्रेस और दो-दो बार जनता दल और भाजपा ने दो-दो बार जीत हासिल की है। जनता पार्टी और लोकदल ने एक-एक बार यह सीट जीती है।
पिछले साल हुए उपचुनाव में बीजेपी ने यहां से जीत दर्ज की थी। बीजेपी के अशोक कुमार सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सतीश कुमार सिंह यादव को 1362 मतों वोटों से हराया था। इस समय इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है। बसपा ने रामगढ़ सीट कभी नहीं जीती है, फिर भी यहां उसका एक मजबूत समर्थन आधार है और हाल के चुनावों में वह लगातार शीर्ष तीन में रही है।
2020 का विधानसभा चुनाव बेहद करीबी त्रिकोणीय मुकाबला था, जिसमें आरजेडी के सुधाकर सिंह ने बसपा की अंबिका सिंह को मात्र 189 मतों से हराया था। भाजपा के मौजूदा विधायक अशोक कुमार सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे जोकि विजेता से 2,001 मतों से पीछे थे।
रामगढ़ का चुनावी इतिहास
साल 2015 में बीजेपी ने यह सीट जीती थी। बीजेपी के अशोक कुमार सिंह ने आरजेडी को 8 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। 2010 में आरजेडी के टिकट पर अंबिका सिंह ने जीत दर्ज की थी। 2005 में यहां से समाजवादी पार्टी के ददन सिंह जीते थे। 2000 में बीजेपी को जीत मिली थी। 1995 में यहां से जेडीयू ने जीत दर्ज की थी।