1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. रेलवे से लेकर ब्रिज तक बड़ा ऐलान, साउथ ब्लॉक की आखिरी बैठक में 160000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

रेलवे से लेकर ब्रिज तक बड़ा ऐलान, साउथ ब्लॉक की आखिरी बैठक में 160000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Feb 14, 2026 03:53 pm IST,  Updated : Feb 14, 2026 03:53 pm IST

करीब 95 साल पुराने ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक में आयोजित आखिरी कैबिनेट बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक बन गई। इस बैठक में केंद्र सरकार ने रेलवे, नेशनल हाईवे, मेट्रो, शहरी विकास और स्टार्टअप सेक्टर से जुड़े कुल ₹1,60,504 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी।

160000 करोड़ के...- India TV Hindi
160000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी Image Source : CANVA

करीब 95 साल तक देश की सत्ता और नीतियों का गवाह रहा ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक अब एक नए दौर की ओर बढ़ चुका है। 1931 में उद्घाटन के बाद पहली बार सरकार यहां से अपना कामकाज नए सेवा तीर्थ परिसर में शिफ्ट करने जा रही है। इसी ऐतिहासिक बदलाव से पहले हुई अंतिम कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने 1,60,504 करोड़ रुपये की मेगा परियोजनाओं को मंजूरी देकर विकास की बड़ी रूपरेखा पेश कर दी।

कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने 18,509 करोड़ रुपये की लागत से तीन बड़े रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। इनमें कासारा-मनमाड, दिल्ली-अंबाला और बल्लारी-होसपेट तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। इन परियोजनाओं से करीब 389 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार होगा और 265 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होंगे। सरकार के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स से सालाना 96 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी, जिससे 22 करोड़ लीटर तेल आयात में कमी और 111 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कटौती संभव होगी। इससे लगभग 3,902 गांवों और 97 लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी ट्विन-ट्यूब टनल

असम में गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच 18,662 करोड़ रुपये की लागत से 33.7 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और 15.79 किलोमीटर लंबी अंडरवाटर रोड-कम-रेल टनल को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगी और लगभग 80 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित करेगी।

नेशनल हाईवे अपग्रेड और कनेक्टिविटी बूस्ट

तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र में नेशनल हाईवे परियोजनाओं पर भी हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से यात्रा समय में कमी, औद्योगिक क्लस्टर्स को बेहतर कनेक्टिविटी और लाखों मानव-दिवस रोजगार के अवसर पैदा होंगे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव जैसे कदम लॉजिस्टिक्स लागत घटाने में मदद करेंगे।

शहरी विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा

कैबिनेट ने 1 लाख करोड़ रुपये की अर्बन चैलेंज फंड स्कीम को मंजूरी दी है, जो 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी। इसके जरिए 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की शहरी परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ के लिए 10,000 करोड़ रुपये का कॉर्पस भी स्वीकृत किया गया है, जो डीप टेक और इनोवेटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स को प्रोत्साहन देगा।

मेट्रो विस्तार को भी मिली मंजूरी

नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर विस्तार को 2,254 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा का मेट्रो नेटवर्क 61.62 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा