बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हैं। अगले एक-दो महीने में विधानसभा के चुनाव होने हैं। बिहार की खास सीटों की बात करें तो फुलवारी विधानसभा क्षेत्र इनमें से एक है। पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में फुलवारी विधानसभा सीट आती है। ये अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है।
जानिए क्या हैं स्थानीय मुद्दे?
फुलवारी को पटना शहर से सटा उपनगर माना जाता है। जहां छोटे उद्योग और प्रवासी मजदूरों की संख्या ज्यादा है। यहां बाढ़, बेरोजगारी, सड़कें और बुनियादी सुविधाओं की कमी ये सभी स्थानीय मुद्दे हैं।
SC वोटर हैं निर्णायक भूमिका में
साल 1952 से बनी इस सीट पर RJD-JD(U) का लंबे समय तक दबदबा रहा है, लेकिन 2020 में CPI-ML ने दलित वोटों के ध्रुवीकरण से सेंध लगा दी। चुनावी रणनीति में जातिगत समीकरण ही राजा हैं, जहां SC वोट महागठबंधन को मजबूत बनाते हैं।
जानिए इस सीट का जातीय समीकरण
फुलवारी में जातिगत गणित दलित-केंद्रित है, लेकिन OBC और मुस्लिम वोट निर्णायक साबित होते हैं। अनुमानित SC आबादी (चमार, पासवान, रविदास आदि) 20-25 प्रतिशत है, जो CPI-ML और RJD का कोर बेस है। यादव (OBC) का 15-20 प्रतिशत हिस्सा महागठबंधन को फायदा पहुंचाता है, जबकि कुशवाहा-कोइरी जैसे OBC समूह (15 प्रतिशत) NDA की ओर झुकाव रखते हैं।
मुस्लिम वोटर (10-12 प्रतिशत) अल्पसंख्यक समीकरण को मजबूत करते हैं, लेकिन AIMIM जैसे दल सेंध लगाने की कोशिश करते हैं। ऊपरी जातियां (भूमिहार, राजपूत) सीमित (5-8 प्रतिशत) हैं, जो BJP का सीमित समर्थन देती हैं। बिहार जाति सर्वे (2023) के अनुसार OBC-EBC कुल 63 प्रतिशत हैं, जो यहां भी प्रतिबिंबित होता है।
पिछली बार CPI-ML ने दर्ज की जीत
पिछले तीन बार के विधानसभा चुनावों (2010, 2015, 2020) में फुलवारी में महागठबंधन का कब्जा रहा है, लेकिन 2020 में CPI-ML ने जीत दर्ज की। श्याम राजक (JDU) ने 2010-15 में कमान संभाली, लेकिन 2020 में गोपाल रविदास (CPI-ML) ने दलित वोटों के दम पर जीत हासिल की। वोट शेयर में महागठबंधन का पलड़ा भारी रहा है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में सीपीआईएमएल उम्मीदवार गोपाल रविदास ने जेडीयू के उम्मीदवार अरुण मांझी को हराया था। सीपीआईएमएल उम्मीदवार गोपाल रविदास को 91,124 वोट मिले थे।
2015 में जेडीयू के श्याम रजक की हुई जीत
2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। जेडीयू के उम्मीदवार श्याम रजक को 94,094 वोट मिले थे। श्याम रजक ने हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के उम्मीदवार राजेश्वर मांझी को हराया था।
आरजेडी के उम्मीदवार को श्याम रजक ने हराया
2010 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से जेडीयू के उम्मीदवार श्याम रजक ने जीत दर्ज की थी। श्याम रजक को 67,390 वोट मिले थे। आरजेडी के उम्मीदवार उदय कुमार को 46,210 वोट मिले थे।