पटना के पारस अस्पताल में चंदन मिश्रा हत्याकांड मामले को लेकर लगातार खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक, 3 दिन की रिमांड पर लिए गए तौसीफ से पूछताछ की जा रही है। आज भी पूछताछ होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान तौसीफ रोने लगा और कहा कि "ऑनलाइन जुआ में 20 लाख रुपये हार गए थे। कर्ज में डूब गए थे। गोली मारने के बाद पारस अस्पताल का रास्ता भटक गए थे। एक स्टाफ से पूछकर अस्पताल से बाहर निकले।"
कहां से लेकर आए हथियार?
पूछताछ में पता लगा है कि शूटर बक्सर से ही हथियार लेकर आए थे। पटना में बाइक की व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने कल जो अपाचे बाइक बरामद की थी, उसपर फर्जी नंबर लगा हुआ था। एक बाइक अभी बरामद नहीं हो सकी है। दोनों बाइक चोरों की थी। पुलिस ने तौसीफ की निशानदेही पर घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल और सिम गया जी स्थित उसकी बहन के घर से बरामद कर लिया। घटना के बाद उसने बहन के घर पर मोबाइल छोड़ दिया था।
चंदन को कितनी गोलियां मारी गईं?
पांच शूटरों तौसीफ, बलवंत, रविरंजन, नीलेश और मोनू ने चंदन को 28 गोलियां मारी थीं। उसकी मौत होने के बाद ही तौसीफ वहां से भागा था। तौसीफ ने गेस्ट हाउस में टीवी पर फुटेज देखकर अपना लुक बदल लिया और फिर दाढ़ी और बाल कटवा लिया था। पुलिस की चार टीमें फरार चल रहे शूटरों मोनू और नीलेश के अलावा साजिश करने वालों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी में जुटी हुई है।

शेरू को मैं नहीं जानता, नीशू से डील हुई थी- तौसीफ
तौसीफ ने कहा कि "मेरी पहचान पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह से नहीं है। मौसेरे भाई नीशू ने शेरू से बात की थी। हर एक को 5-5 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। अबतक एक रुपया भी नहीं मिला। जेल में शेरू और नीशु की मुलाकात हुई थी। नीशु की आर्थिक स्थिति खराब चल रही थी। वह वैशाली इलाके के होटल को बेचना चाह रहा था। इसके लिए उसने शेरू सिंह से संपर्क किया। शेरू से इसी दौरान बातचीत बढ़ी। इसी बीच चंदन को पैरोल मिल गई। चंदन को ठिकाने लगाने के लिए शेरू ने नीशु से बात की। नीशु ने भी हामी भर दी और इसके लिए उसने मुझे तैयार किया। नीशु की महिला मित्र ने कोलकाता के गेस्ट हाउस में दो रूम बुक कराए थे। एक रूम में तौसीफ, भीम और हर्ष ठहरे थे। दूसरे रूम में नीशु, महिला मित्र के साथ ठहरा था। तीन महीने पहले इंस्टाग्राम से नीशू की महिला मित्र से दोस्ती हुई थी। नीशु की जिद पर उसकी महिला मित्र कोलकाता पहुंची थी। महिला मित्र ही रुपये खर्च कर रही थी।"
अस्पताल में कैसे घुसे थे आरोपी?
तौसीफ ने कहा कि "अस्पताल के कर्मी को बताया था कि मेरे चाचा चंदन मिश्रा यहां भर्ती हैं। उसने कोई तलाशी नहीं ली। मेरे पीछे चार शूटर थे।" आपको बता दें कि आरा में एसटीएफ और शूटरों के बीच एनकाउंटर में पुलिस की तरफ से 10 और शूटरों की तरफ से 13 राउंड फायरिंग की गई थी।
ये भी पढ़ें- बिहार: चंदन मिश्रा हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर, पटना के दानापुर से बरामद हुई इस्तेमाल की गई बाइक
बिहार में बेलगाम हुए अपराधी, मुजफ्फरपुर में कबाड़ कारोबारी की गोली मारकर हत्या