केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एक अदालत ने 27 साल पुराने बिटुमेन परिवहन ‘घोटाले’ के मामले में आज सजा सुनाई है। सीबीआई की अदालत ने बिहार के पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन और चार अन्य को शनिवार को दोषी करार दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि अदालत ने पूर्व मंत्री, उनके तत्कालीन सचिव शहाबुद्दीन बेग और तीन अन्य पवन कुमार अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रवाल और विनय कुमार सिन्हा को तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अधिकारियों ने कहा कि ये मामला हल्दिया से बरौनी के रास्ते आरसीडी हजारीबाग तक बिटुमेन की कथित ढुलाई से संबंधित है। एक अधिकारी ने कहा, ‘जांच में पता चला है कि बिटुमेन की ढुलाई की ही नहीं गई थी। ट्रांसपोर्टर ने हल्दिया से बिटुमेन लदवाकर कोलकाता के खुले बाजार में बेच दिया और परिवहन शुल्क भी लिया।’
इस मामले की अधिक जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने इस मामले में 1997 में प्राथमिकी दर्ज की थी। 2001 में आरोप पत्र दाखिल किया था। (भाषा के इनपुट के साथ)
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