पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बंपर जीत के बाद अब सरकार ने अपने वादों पर अमल करना शुरू कर दिया है। जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नेता संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी पहली कैबिनेट में घोषणापत्र में जो वादा किया था कि अगले 5 साल में बिहार में एक करोड़ लोगों को रोज़गार मिलेगा, उस पर काम शुरू कर दिया है। कैबिनेट में इस दिशा में कदम उठाए गए हैं।
बता दें कि एनडीए (NDA) ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने "संकल्प पत्र" में कई वादे किए थे जिसमें सबसे प्रमुख था अगले पांच साल में 1 करोड़ से अधिक सरकारी नौकरी और रोजगार प्रदान करना। यह वादा भी चुनाव के नतीजों को एनडीए के पक्ष में मोड़ने का प्रमुख कारण रहा। अब सत्ता संभालने के बाद सरकार इस वादे को अमलीजामा पहनाने की कोशिशों में जुट गई है।
एनडीए ने कौशल जनगणना कराकर कौशल आधारित रोजगार देना। हर जिले में मेगा स्किल सेंटर स्थापित करके बिहार को 'ग्लोबल स्किलिंग सेंटर' के रूप में स्थापित करना। 10 नए औद्योगिक पार्क और प्रत्येक जिले में अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करना। बिहार को 'वैश्विक बैक-एंड हब' और 'ग्लोबल वर्कप्लेस' के रूप में स्थापित करने का वादा किया है।
धैर्य और संयम का परिचय दे विपक्ष-नीरज कुमार
उधर, विपक्ष द्वारा चुनाव में मिली हार को वोट चोरी कहने पर जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा-'लोकतंत्र के लिए बिल्कुल अशुभ है कि जनता के जनादेश को काला जादू कहा जाए, वोट चोरी कहा जाए...'SIR तो बहाना है, जननायक कर्पुरी ठाकुर के इतिहास को मिटाना है' नारे के भावार्थ को समझाने वाले लोग SIR के समानांतर सवाल खड़े कर रहे थे और आपत्ति भी दर्ज की गई। जनता के जनादेश को स्वीकार कीजिए अन्यथा सदन का समय जनहित के लिए महत्वपूर्ण होता है। जनता ने वोट चोरी, फर्जी दावों और बयानों को नकार दिया है। हम विपक्ष को सलाह देंगे कि धैर्य और संयम का परिचय दें।'
महागठबंधन पर कुशवाहा ने कसा तंज
राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार विधानसभा सत्र से पहले महागठबंधन के विधायक दल की बैठक पर कहा, "उनके पास तो विधायकों की उतनी भी संख्या नहीं है कि NDA के तमाम विधायक यदि खड़े हो जाएं तो महागठबंधन के विधायक मिलकर उन्हें घेर पाएं तो वे लोग हमें (विधानसभा में) क्या घेरेंगे? इसका कोई मतलब नहीं है। हास्यास्पद स्थिति है।" बता दें कि महागठबंधन विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव को नेता चुन लिया गया है। शनिवार को तेजस्वी के घर पर महागठबंधन के विधायकों की बैठक हुई। विधायक दल की बैठक में शीतकालीन सत्र में सरकार के घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई।