बिहार के जमुई में इस बार का विधानसभा चुनाव श्रेयसी सिंह (भाजपा), मोहम्मद शमशाद आलम (राजद) और अनिल प्रसाद साह (जन सुराज पार्टी) के बीच एक बेहद अहम त्रिकोणीय मुकाबला बनता जा रहा है। यह सीट जीतने के लिए महागठबंधन और NDA ने पूरी ताकत झोंक दी है। जमुई सीट पर राज्य की दूसरी 121 विधानसभा सीटों के साथ दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोटिंग होगी।
जमुई में प्रमुख उम्मीदवार-
जमुई विधानसभा क्षेत्र से कुल 12 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से बीजेपी के टिकट पर श्रेयसी सिंह, जन सुराज पार्टी (JSP) के अनिल प्रसाद साह और राजद के मोहम्मद शमशाद आलम प्रमुख रूप से हैं। इनके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। मशहूर शूटर और मौजूदा MLA श्रेयसी सिंह को BJP के नेतृत्व वाले NDA ने एक बार फिर जमुई से मैदान में उतारा है। श्रेयसी सिंह ने 2020 के विधानसभा चुनावों में RJD के विजय प्रकाश यादव को 41,049 वोटों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की थी।
एक जाने-माने राजनीतिक परिवार से आने वाली श्रेयसी, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी हैं, जिन्होंने चंद्र शेखर के नेतृत्व वाली सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाले थे और लोकसभा-राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे थे। उनकी मां, पुतुल कुमारी भी लोकसभा सदस्य रह चुकी हैं। अपने मजबूत राजनीतिक बैकग्राउंड और एक कामयाब खिलाड़ी के तौर पर अपनी पहचान का फायदा उठाते हुए, श्रेयसी को जमुई से एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
दूसरी ओर, लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली RJD ने इस सीट से मोहम्मद शमशाद आलम को मैदान में उतारा है। जमुई में बड़ी मुस्लिम आबादी को देखते हुए, महागठबंधन का पारंपरिक MY (मुस्लिम-यादव) वोट बैंक BJP के खिलाफ उनकी चुनौती को मजबूत कर सकता है। इस मुकाबले में एक नया पहलू जोड़ते हुए, पहली बार चुनाव लड़ रही जन सुराज पार्टी ने जमुई से अनिल प्रसाद साह को मैदान में उतारा हैं।
जमुई विधानसभा क्षेत्र
जमुई विधानसभा क्षेत्र बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से एक है। यह बिहार विधानसभा का निर्वाचन क्षेत्र संख्या 241 है। यह निर्वाचन क्षेत्र एक सामान्य सीट है जो अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित नहीं है। जमुई विधानसभा क्षेत्र जमुई ज़िले का हिस्सा है। चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, 2020 के विधानसभा चुनावों के दौरान जमुई विधानसभा क्षेत्र में 2,95,169 वोटर थे। इनमें से 1,56,815 पुरुष और 1,38,343 महिला वोटर थे। 11 वोटर थर्ड जेंडर के थे। इस क्षेत्र में 1,252 पोस्टल वोट डाले गए थे। 2020 में जमुई में सर्विस वोटरों की संख्या 519 थी (493 पुरुष और 26 महिलाएं)।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक जमुई भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनावों में यहां से बीजेपी की श्रेयसी सिंह जीती थीं। उन्होंने RJD के विजय प्रकाश को 41049 वोटों के मार्जिन से हराया था। श्रेयसी सिंह को कुल 79603 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर RJD के श्रवण कुमार को कुल 38554 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के मोहम्मद शमशाद आलम रहे थे। उन्हें कुल 17800 वोटि मिले थे। वहीं, सातवें नंबर पर NOTA रहा था। उसे कुल 2955 वोट मिले थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में RJD के विजय प्रकाश जीते थे। उन्हें कुल 66577 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर बीजेपी के अजय प्रताप रहे थे। उन्हें कुल 58328 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार रबिंद्र कुमार मंडल थे। उन्हें 8267 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
जमुई विधानसभा जिले की हॉट सीट के रूप में जानी जाती है। समाजवादियों और कांग्रेसियों का गढ़ कहे जाने वाले क्षेत्र में 2020 में पहली बार कमल खिलने में कामयाब हुआ। पहली बार इस विधानसभा क्षेत्र से श्रेयसी सिंह ने भाजपा विधायक के तौर पर जीत हासिल की। अब देखना यह होगा कि इतने लंबे अरसे और इतने कठिन प्रयास के बाद खिला कमल यहां खिलकर बड़ा होता है या इसकी चमक कम होती चली जाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।