बिहार की राघोपुर सीट पर भाजपा और राजद के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि, अंत में आरजेडी के तेजस्वी यादव ने 14532 वोट से यह सीट जीत ली। यहां से जन सुराज पार्टी और जनशक्ति जनता दल भी प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन जनता ने दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को पूरी तरह से नकार दिया।
राघोपुर सीट के प्रमुख उम्मीदवारों की बात करें तो यहां RJD की तरफ से लालू प्रसाद यादव के बेटे और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव चुनाव लड़े। इस सीट पर तेजस्वी का सामना बीजेपी के सतीश कुमार यादव, जन सुराज पार्टी के चंचल कुमार और जनशक्ति जनता दल के प्रेम कुमार से था।
कैसे रहे हैं पिछले चुनावों के नतीजे?
राघोपुर विधानसभा सीट पर पिछले चुनावी मुकाबलों की बात करें तो केंद्र में हमेशा सतीश कुमार यादव और लालू परिवार का कोई सदस्य रहा है। लालू यादव इस सीट से 2 बार जबकि राबड़ी देवी 3 बार विधायक रही हैं। 2010 के विधानसभा चुनावों में जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे सतीश कुमार यादव ने राबड़ी देवी को हराकर बिहार की सियासत में तहलका मचा दिया था। हालांकि इसके बाद 2015 और 2020 के चुनावों में उन्हें लालू और राबड़ी के बेटे तेजस्वी यादव के हाथों हार झेलनी पड़ी है।
क्यों खास है राघोपुर विधानसभा सीट?
राघोपुर सीट बिहार के वैशाली जिले में आती है। इस विधानसभा क्षेत्र में दो ब्लॉक राघोपुर और बिदुपुर आते हैं। यह इलाका बिहार की राजनीति में बहुत अहम माना जाता है। लालू प्रसाद यादव ने यहां से दो बार चुनाव जीता था। उनकी पत्नी राबड़ी देवी भी तीन बार यहां से विधायक बनीं और दोनों ने इस सीट से जीतकर मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। उनके बेटे तेजस्वी यादव ने भी यहां से 2 बार चुनाव जीता है। वे इस दौरान उपमुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता रहे हैं। 2010 के चुनाव में राबड़ी देवी को JDU के सतीश कुमार यादव ने हराया था।