1. Hindi News
  2. क्राइम
  3. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से राजद्रोह मामले में शरजील इमाम की जमानत अर्जी पर जवाब मांगा

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से राजद्रोह मामले में शरजील इमाम की जमानत अर्जी पर जवाब मांगा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 09, 2022 03:56 pm IST,  Updated : Dec 15, 2022 04:12 pm IST

अभियोजन पक्ष के अनुसार इमाम ने 13 दिसंबर, 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया और 16 दिसंबर, 2019 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कथित रूप से भाषण दिये थे।

Sharjeel Imam, Sharjeel Imam High Court, Sharjeel Imam speeches Muslims- India TV Hindi
Sharjeel Imam. Image Source : PTI FILE

Highlights

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने शरजील इमाम की जमानत अर्जी पर बुधवार को दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा।
  • जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पीठ ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को नोटिस जारी किया।
  • बेंच ने पुलिस को 10 दिन के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख तय की।

नयी दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ 2019 में हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में गिरफ्तार JNU के छात्र नेता शरजील इमाम की जमानत अर्जी पर बुधवार को दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पीठ ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को नोटिस जारी किया और उसे 10 दिन के अंदर जवाब देने का निर्देश दिय। पीठ ने अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख तय की।

अभियोजन पक्ष के अनुसार इमाम ने 13 दिसंबर, 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया और 16 दिसंबर, 2019 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कथित रूप से भाषण दिये थे। उसने इन भाषणों में असम और शेष उत्तर पूर्व का संपर्क भारत से काटने की धमकी दी थी। इमाम ने मामले में जमानत से इनकार करने के एक निचली अदालत के 24 जनवरी के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने प्रथमदृष्टया राय व्यक्त की कि अदालत ने जमानत देने या इनकार करने के लिए संबंधित विचारों पर ध्यान नहीं दिया।

पीठ ने पूछा, ‘उन्होंने (निचली अदालत के न्यायाधीश ने) कुछ नहीं देखा। ये सारे अपराध 7 साल से कम सजा वाले हैं। हम आपसे (पुलिस) से पूछ रहे हैं कि उन्हें जमानत पर क्यों नहीं छोड़ा जाना चाहिए? क्या वह फरार हो सकते हैं? क्या वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं? गवाह कौन हैं?’ इस पर अभियोजक ने कहा कि इमाम पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (राजद्रोह के लिए सजा) के तहत भी आरोप हैं जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।

पीठ ने कहा कि राजद्रोह में हिंसा के लिए उकसाने की बात होनी चाहिए। उसने कहा कि पुलिस को अदालत को समझाना होगा कि इमाम को जमानत क्यों नहीं मिलनी चाहिए।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। क्राइम से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।