नई दिल्ली: दिल्ली के बदरपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन के सामने फ्लाईओवर पर एक मोटरसाइकिल सवार का गला कथित तौर पर पतंग के मांझे से कट गया। इस हादसे में एक 30 साल का शख्स घायल हो गया, जिसकी पहचान उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के अखिबेलपुर गांव के निवासी रजनीश के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती जानकारी में लाल रंग के कथित चीनी मांझे को इस हादसे की वजह बताया जा रहा है। हादसे में घायल रजनीश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
16 अगस्त 2025 को शाम 4:40 बजे बदरपुर पुलिस स्टेशन में एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें मेडिकल इमरजेंसी की सूचना दी गई। कॉल मिलते ही स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO), जांच अधिकारी (IO) और पुलिस कर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। घटना तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन के सामने फ्लाईओवर पर हुई, जो सरिता विहार से फरीदाबाद की ओर जाने वाले रास्ते पर है। पुलिस को मौके पर राजनीश पुत्र खुशीराम घायल अवस्था में मिले, जिनके गले के पास गहरी चोट थी और खून का रिसाव हो रहा था। रजनीश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
चीनी मांझा, जिसे ग्लास-कोटेड या नायलॉन मांझा भी कहते हैं, पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाला एक मजबूत और तेज धागा है। यह मांझा इतना खतरनाक होता है कि यह न सिर्फ इंसानों बल्कि पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित होता है। इसके तेज धागे आसानी से गले, हाथ या शरीर के अन्य हिस्सों को काट सकते हैं। दिल्ली और देश के कई हिस्सों में हर साल ऐसे हादसे सामने आते हैं, जहां चीनी मांझे की वजह से लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं या उनकी जान चली जाती है।
चीनी मांझे के खतरों को देखते हुए दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने इस पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। साल 2017 में NGT ने दिल्ली-एनसीआर में नायलॉन और ग्लास-कोटेड मांझे के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने भी इस तरह के मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जुर्माना और सजा का प्रावधान है। हालांकि, प्रतिबंध के बावजूद चीनी मांझा बाजार में अवैध रूप से बिकता है और लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, जिसके चलते इस तरह के हादसे रुक नहीं रहे।
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