देश की राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली में लगातार बढ़ रहे इस प्रदूषण से स्थानीय लोगों को बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हम कह सकते हैं कि इस स्थिति में चाहे बच्चे हों या बड़े सभी त्रस्त हैं। आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में अभी ग्रैप 3 लागू है। इसके चलते कक्षा 5वीं तक कक्षाओं को स्कूल हाइब्रिड मोड में संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में दिल्ली शिक्षा निदेशालय की तरफ से आदेश जारी किया गया था। आदेश में कहा गया था, "शिक्षा निदेशालय, एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली छावनी बोर्ड के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश दिया जाता है कि वे अगले आदेश तक कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड मोड में कक्षाएं संचालित करें यानी भौतिक और ऑनलाइन दोनों तरीकों से (जहां भी ऑनलाइन मोड संभव हो)।"
ग्रैप 4 लगने के बाद क्या?
- यदि परिस्थिति मौजूदा से अधिक बिगड़ती है और ग्रैप 4 लागू किया जाता है तो सरकार और प्रशासन को स्कूलों और कॉलेजों में फिजिकल क्लासेज को स्थगित करने का अधिकार होता है। वहीं, सरकारी व निजी कार्यालयों में 50% उपस्थिति लागू करने का अधिकार होता है। GRAP-4 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में सभी स्कूल बंद में फिजिकल क्लास कर दिए गए थे। सिर्फ बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर 10वीं और 12वीं के स्कूल खुले थे।
- इसके अलावा वाहनों के लिए ऑड-ईवन नियम लागू करने और गैर-जरूरी व्यावसायिक परिसरों को बंद करने जैसे आपातकालीन उपाय भी लागू किए जा सकते हैं।
- सीएनजी, बीएस-6 डीजल गाड़ियों को छोड़कर, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-आवश्यक हल्के कमर्शियल गाड़ियों पर भी बैन लगाया सकता है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता बेहद खराब
राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB के आंकड़ों के अनुसार, शहर का AQI 344 तक पहुंच गया है, जबकि चार केंद्रों ने प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' बताया है। दिल्ली में 37 निगरानी स्टेशनों में से बवाना (426), वजीरपुर (412), जहांगीरपुरी (418) और विवेक विहार (402) 'गंभीर' श्रेणी में थे। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' रहने की आशंका है।