Sunday, March 15, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. हरियाणा सीईटी परीक्षा को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानें यहां कंप्लीट डिटेल

हरियाणा सीईटी परीक्षा को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानें यहां कंप्लीट डिटेल

Edited By: Akash Mishra @Akash25100607 Published : Dec 30, 2024 11:08 pm IST, Updated : Dec 30, 2024 11:10 pm IST

हरियाणा सीईटी परीक्षा नीति में संशोधन को लेकर राज्य सरकार से हरी झंडी दे दी गई है। अब सामाजिक-आर्थिक मानदंडों से संबंधित उम्मीदवारों के लिए 5 प्रतिशत बोनस अंक शामिल नहीं होंगे।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : FILE प्रतीकात्मक फोटो

हरियाणा सीईटी परीक्षा में अब सामाजिक-आर्थिक मानदंडों से संबंधित उम्मीदवारों के लिए 5 प्रतिशत बोनस अंक शामिल नहीं होंगे। हरियाणा मंत्रिमंडल ने शनिवार को हाईकोर्ट के 31 मई के आदेश के बाद सामान्य पात्रता परीक्षा नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह मंजूरी दी गई। हरियाणा सीईटी संशोधन ग्रुप सी और डी पदों पर सरकारी नौकरियों के लिए लागू हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार संशोधित नीति को सामान्य पात्रता परीक्षा, (संशोधन) नियम, 2024 के माध्यम से ग्रुप सी और डी पदों पर भर्ती के लिए नीति कहा जाएगा।

बयान में कहा गया है, "संशोधनों के अनुसार, हरियाणा के वास्तविक निवासियों के लिए प्रदान किए गए सामाजिक आर्थिक मानदंडों के लिए 5 प्रतिशत वेटेज को हटा दिया गया है। उक्त संशोधन पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार किए गए हैं।" बता दें कि मई में, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने ग्रुप सी और डी पदों के लिए सीईटी में राज्य के उम्मीदवार की सामाजिक आर्थिक स्थिति के आधार पर पांच प्रतिशत बोनस अंक देने की राज्य सरकार की नीति को खारिज कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को बरकरार रखा

आपको बता दें कि जून में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 31 मई के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।

बयान में कहा गया है, "सामान्य पात्रता परीक्षा के माध्यम से ग्रुप सी और डी पदों पर भर्ती के लिए नीति, (संशोधन) नियम, 2024 पुलिस सेवा, जेल और होमगार्ड आदि के पदों सहित ग्रुप सी पदों पर सीधी भर्ती के लिए लागू होगी, जिसमें शिक्षण पद, भूतपूर्व अग्निवीर और ग्रुप डी के पद शामिल नहीं होंगे, जिनके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिकुलेशन से कम है।"

बयान में कहा गया है, "इसके अलावा, संशोधन के बाद, अब कौशल और/या लिखित परीक्षा में बैठने के लिए पात्र उम्मीदवारों की अधिकतम संख्या आयोग द्वारा विज्ञापित कुल पदों की संख्या से दस गुना होगी। पहले, विज्ञापित पदों की संख्या के चार गुना उम्मीदवार ही परीक्षा देने के पात्र थे।"(With PTI input)

ये भी पढ़ें-  आखिर 'भारत का पहला गांव' कौन सा है? जानें

Latest Education News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। एजुकेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement