नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 12वीं कक्षा के री-इवैल्यूएशन यानी पुनर्मूल्यांकन फॉर्म भरने में छात्रों को आ रही दिक्कतों पर शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए CBSE से तुरंत जवाब तलब किया है। इसके साथ ही, उन्होंने बोर्ड को छात्रों की समस्याओं का निपटारा करने के लिए तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
सीबीएसई 12वीं के नतीजे घोषित होने के बाद, जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं थे, उन्होंने री-इवैल्यूएशन और कॉपियों की री-चेकिंग के लिए आवेदन करना शुरू किया है। हालांकि, पोर्टल लाइव होने के बाद से ही देश भर के हजारों छात्रों और अभिभावकों ने शिकायत की कि बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और री-इवैल्यूएशन पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा है।
बता दें कि सीबीएसई 12वीं कॉपी चेकिंग की ऑनलाइन प्रक्रिया 19 मई से शुरू हो चुकी है। दरअसल, 12वीं कॉपी चेकिंग के लिए इस्तेमाल किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (CBSE OSM) पर उठे सवाल के बाद सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों को अपनी कॉपी चेक करने का मौका दिया है।
दो स्टेज में री-इवैल्यूएशन
सीबीएसई ने 12वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को दो स्टेज में बांटा है- पहली आंसरशीट की स्कैन कॉपी लेना और दूसरी वेरिफिकेशन। पहले फेज में स्टूडेंट्स को सबसे पहले अपनी जांची हुई आंसरशीट्स की स्कैन की हुई कॉपी ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा। दूसरे फेज में, उम्मीदवार या तो पाई गई कमियों के वेरिफिकेशन के लिए या फिर उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले स्टेज के आवेदन शुरू हो चुके हैं, जबकि दूसरे स्टेज की प्रक्रिया 26 मई से शुरू होगी और 29 मई तक चलेगी।
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