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सुप्रीम कोर्ट ने CBSE कक्षा 12वीं की प्राइवेट, पत्राचार परीक्षा रद्द करने की समीक्षा याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की प्राइवेट, पत्राचार परीक्षा रद्द करने की समीक्षा याचिका खारिज कर दी।

Nidhi Taneja Nidhi Taneja @nidhiindiatv
Updated on: July 29, 2021 21:46 IST
सुप्रीम कोर्ट ने CBSE कक्षा 12वीं की प्राइवेट, पत्राचार परीक्षा रद्द करने की समीक्षा याचिका खारिज की- India TV Hindi
Image Source : PTI FILE PHOTO सुप्रीम कोर्ट ने CBSE कक्षा 12वीं की प्राइवेट, पत्राचार परीक्षा रद्द करने की समीक्षा याचिका खारिज की

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की प्राइवेट, पत्राचार परीक्षा रद्द करने की समीक्षा याचिका खारिज कर दी। याचिका में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा अधिसूचित 17 जून के नीतिगत फैसले के खंड 29 को रद्द करने और प्राइवेट, कम्पार्टमेंट और पत्राचार छात्रों के परिणाम 31 जुलाई तक वस्तुनिष्ठ पद्धति के आधार पर घोषित करने के निर्देश की मांग की गई थी। 

अधिवक्ता ममता शर्मा द्वारा समीक्षा की मांग की गई थी ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में भारत और विदेशों में उच्च कक्षाओं में प्रवेश पाने में छात्रों के लिए कोई दिक्कत ना हो। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि समीक्षा याचिका ने शीर्ष अदालत के समक्ष विचार के लिए महत्वपूर्ण बिंदु उठाए थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को योग्यता के आधार पर खारिज कर दिया। शर्मा ने कहा, "निर्णय निश्चित रूप से निराशाजनक है। उम्मीद है कि सीबीएसई आगामी शैक्षणिक सत्रों के लिए अपनी परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगा ताकि छात्रों को एक साल की शिक्षा की अपूरणीय क्षति ना हो।"

उच्चतम न्यायालय ने कक्षा 12वीं के प्राइवेट, पत्राचार और सेकेंड कम्पार्टमेंट के विद्यार्थियों की कोविड-19 महामारी के बीच ऑफलाइन परीक्षा लेने के लिए सीबीएसई मूल्याकंन योजना में हस्तक्षेप करने से इनकार करने वाले अपने 22 जून के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में उस योजना की समीक्षा का आग्रह किया गया था जिसके तहत इस साल 15 अगस्त से 15 सितंबर के बीच ऑफलाइन परीक्षाओं का आयोजन किया जाना है। 

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने बुधवार को पारित आदेश में कहा, “ मौजूदा पुनर्विचार याचिका 22 जून 2021 के अंतिम आदेश के खिलाफ दायर की गई है। हमने याचिका के साथ-साथ इसके समर्थन में दिए गए आधारों का भी अवलोकन किया। हमारी राय है कि पुनर्विचार का कोई मामला ही नहीं बनता है।” 

न्यायालय ने 22 जून को 12वीं कक्षा के छात्रों के मूल्यांकन के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) द्वारा अपनाई गई आकलन योजना में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। कोविड-19 महामारी के कारण दोनों बोर्डों की 12 वीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर दी गई है। अदालत ने प्राइवेट, पत्राचार और सेकेंड कम्पार्टमेंट के छात्रों की ऑफलाइन परीक्षा लेने की सीबीएसई की योजना को मंजूरी दी थी क्योंकि उनका मूल्यांकन क्रमशः कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं में उनके परिणामों के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर नहीं किया जा सकता है। 

इससे पहले CBSE ने कक्षा 12वीं की प्राइवेट/कंपार्टमेंट/पत्राचार के छात्रों के लिए परीक्षा की तारीखें जारी कर दी हैं। सीबीएसई ने इसके संबंध में एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि 12वीं प्राइवेट/कंपार्टमेंट/पत्राचार के छात्रों के लिए परीक्षाओं का आयोजन 15 अगस्त 2021 से 15 सितंबर 2021 तक किया जाएगा। हालांकि, सीबीएसई बोर्ड ने अभी तक शेड्यूल घोषित नहीं किया है।

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