1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. NEET UG में कितने नंबर लाने पर जनरल कैटेगरी वालों को AIIMS, KGMU समेत अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलेगा?

NEET UG में कितने नंबर लाने पर जनरल कैटेगरी वालों को AIIMS, KGMU समेत अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलेगा?

 Published : May 19, 2025 08:15 pm IST,  Updated : May 19, 2025 08:15 pm IST

NEET UG के रिजल्ट जून में जारी किए जा सकते हैं, इसी बीच छात्रों के मन में सवाल है कि जनरल कैटेगरी वालों को कितने नंबर लाने पर AIIMS, KGMU समेत अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलेगा?

NEET UG- India TV Hindi
NEET UG Image Source : META AI

नीट यूजी के परीक्षार्थियों को बेसब्री से उनके रिजल्ट का इंतजार है, जो उम्मीद की जा रही है कि जून में ही जारी हो सकती है। नीट यूजी के जरिए ही छात्रों को एमबीबीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीडीएस और बड़े संस्थानों में नर्सिंग कोर्सों में एडमिशन मिलता है। इस साल करीबन 23 लाख से अधिक मेडिकल छात्रों ने नीट यूजी 2025 की परीक्षा दी है। ऐसे में हर छात्र का सपना होता है कि उसे एम्स, केजीएमयू या कोई अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल जाए क्योंकि सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फीस प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की तुलना में काफी कम होती है।

इस साल कितने बच्चों ने दी नीट परीक्षा?

ऐसे में छात्र दिन-रात काफी मेहनत करते हैं लेकिन सरकारी कॉलेज में कुछ ही लाख बच्चों को एडमिशन मिल पाता है क्योंकि यह देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। परीक्षा के कठिन होना का कारण एग्जाम में शामिल होने वाले बच्चों की संख्या भी है। चूंकि देश में एमबीबीएस की सीट 1 लाख के आसपास है पर हर साल 20 लाख के आसपास बच्चे परीक्षा में शामिल होते हैं, ऐसे में परीक्षा काफी कठिन हो जाती है और कटऑफ काफी हाई जाती है, खासकर जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए यह कटऑफ काफी ऊपर जाता है।

जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए NEET UG में कितने नंबर लाने होंगे?

एक्सपर्ट और पिछले कटऑफ के रुझानों की मानें तो देश के टॉप सरकारी मेडिकल कॉलेज जैसे AIIMS, KGMU, MAMC में एडमिशन के लिए 700+ नंबर जरूरी हैं। वहीं अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए 650+ नंबर लाने होंगे। इस बार एक्सपर्ट कह रहे कि नीट यूजी का कटऑफ कुछ कम जा सकता है। ऐसे में कुछ का मानना है कि जनरल कैटेगरी के लिए सरकारी कॉलेज के लिए NEET UG कटऑफ कम से कम 600 रहने की संभावना है।

वहीं, ओबीसी के उम्मीदवारों को 630 नंबर से अधिक लाने होंगे, जबकि एससी/एसटी उम्मीदवारों को 500+ नंबर लाने पर ही सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस सीट हासिल होगी।

कटऑफ रैंक और मार्क्स

अगर जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए रैंक की बात करें तो इस साल 26,500 से 27,000 के बीच होने की संभावना है, लेकिन यह कॉलेज और रैंक के आधार पर भिन्न हो सकता है।

टॉप 5 राज्य की एमबीबीएस सीटें

एनएमसी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में सबसे ज्यादा एमबीबीएस की सीटें कर्नाटक हैं, यहां 12545 एमबीबीएस सीटें हैं, इसके बाद नंबर यूपी का आता है, जहां 12415 सीटें हैं। इसके बाद तीसरे नंबर पर तमिलनाडु हैं, यहां 12050 सीटें हैं और चौथे नंबर पर महाराष्ट्र है यहां पर कुल 11846 एमबीबीएस सीटें हैं। वहीं, पांचवें नंबर तेलंगाना राज्य हैं जहां कुल 9040 एमबीबीएस सीटें हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। एजुकेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।