फरीदाबाद: हरियाणा के पृथला विधानसभा क्षेत्र से सुरेंद्र वशिष्ठ का नाम घोषित किए जाने के बाद बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं में असंतोष व्याप्त हो गया। पार्टी महासचिव सतीश मिश्र की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लाठी और डंडे चले। कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पैदा हुई इस स्थिति से मिश्र समेत BSP के अन्य नेताओं को मौके से भागना पड़ा। पृथला विधानसभा क्षेत्र से सुरेंद्र वशिष्ठ को बसपा ने बतौर प्रत्याशी घोषित करने के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है और रविवार को बल्लभगढ़ की अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में नाराज कार्यकर्ता अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।
Related Stories
कार्यकर्ताओं के बीच चले लाठी और डंडे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान आपस में जमकर लाठी-डंडे चलाए और पार्टी के पोस्टर व बैनर तक फाड़ दिए। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बसपा के कुछ कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण इस सम्मेलन में भगदड़ का माहौल बन गया और जैसे ही सम्मेलन शुरू ही हुआ था कि BSP के पृथला विधानसभा के कार्यकर्ता सम्मेलन के बीच पहुंच गए और पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बाहरी व्यक्ति को पृथला से उम्मीदवार बनाया गया है। इस दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर सम्मेलन में बैठे कार्यकर्ताओं ने हल्ला बोल दिया और उन्हें लाठी-डंडे का इस्तेमाल कर धर्मशाला से बाहर कर दिया।
पिछले दरवाजे ने निकल कर भागे मिश्रा
इससे नाराज होकर पृथला विधानसभा क्षेत्र से आए कार्यकर्ताओं ने भी धर्मशाला में हल्ला बोल कर कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजी। कुछ देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। इसी बीच मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्र मंच के पिछले दरवाजे से निकल कर भाग गए। इस मौके पर प्रदर्शनकारी संजय शर्मा ने कहा कि उनके क्षेत्र से लंबे समय से मेहनत कर रहे कार्यकर्ता को टिकट मिलना चाहिए था लेकिन गुड़गांव से चलकर आए पंडित सुरेंद्र वशिष्ठ को टिकट दे दिया गया जो एक महीने पहले ही पार्टी में शामिल हुआ था। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि BSP पैसे का खेल चला है। (भाषा)