रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अंततः अपनी हार स्वीकार कर ली और राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता का धन्यवाद दिया और कहा कि वह जनता के आदेश को सहर्ष स्वीकार करते हैं लेकिन उन्होंने इस हार को पार्टी की नहीं बल्कि अपनी व्यक्तिगत हार बताया।
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इससे पूर्व दास ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मेरी व्यक्तिगत हार है। यह भाजपा की हार नहीं है।’’ उन्होंने चुनाव के परिणामों और रुझानों पर कहा, ‘‘लगता है कि भाजपा विरोधी सभी मतों का ध्रुवीकरण हो गया और उनके एकजुट हो जाने से ही हमें हार का सामना करना पड़ा है।’’
अपनी हार के बारे में पूछे जाने पर दास ने कहा, ‘‘हमारी विधानसभा में अभी आधी ही गणना हुई है और मुझे अभी भी उम्मीद है कि मैं जीतूंगा।’’ एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में जनता का आदेश शिरोधार्य होता है। अतः जो भी जनादेश मिलेगा उसका हम सहर्ष स्वागत करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि पूरा परिणाम आने के बाद ही वह मीडिया से विस्तार से बातचीत करेंगे। इस बीच उन्हें चुनौती देने वाले उन्हीं के मंत्रिमंडल के सहयोगी सरयू राय ने दो टूक कहा कि अब रघुवर दास न तो जीतने वाले हैं और न ही मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उनका टिकट कटवा कर उन्होंने जिस तरह उनके स्वाभिमान को चोट पहुंचायी गयी उसी के चलते उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने की ठानी थी।