दुर्गापुर: तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के घर में सरकारी परियोजनाओं की सामग्री रखने के आरोप को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय निवासियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना कांकसा के विदबिहार ग्राम पंचायत अंतर्गत काजलाडीहि इलाके की है, जहां तृणमूल कार्यकर्ता नरहरी माझी के घर का घेराव कर प्रदर्शन किया गया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और केंद्रीय बल को मौके पर पहुंचना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तृणमूल सरकार के दौरान नरहरी माझी इलाके में प्रभावशाली व्यक्ति थे और उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विभिन्न सरकारी योजनाओं में अनियमितताएं कीं। आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से 15 से 20 हजार रुपये तक की कटमनी वसूली गई। इसके अलावा, पक्की सड़क निर्माण के लिए बोर्ड लगाए गए, लेकिन आज तक सड़क का काम पूरा नहीं हुआ। सोलर लाइट लगाने की घोषणाएं भी केवल कागजों तक सीमित रहीं।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सरकारी तिरपाल सहित विभिन्न राहत सामग्रियों को आम लोगों में बांटने के बजाय आत्मसात कर लिया गया। इन आरोपों को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नरहरी माझी के घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पूर्णिमा घोष ने कहा, 'तृणमूल शासन के दौरान कई बार तिरपाल मांगा, लेकिन हमें नहीं मिला। उल्टा हमें धमकियां दी गईं और मारपीट की गई। 2021 में भाजपा को वोट देने के कारण हमें घर छोड़ने पर मजबूर किया गया था। कई सरकारी योजनाएं आईं, लेकिन हमें कोई लाभ नहीं मिला। इसलिए आज हम विरोध करने निकले हैं।'
भाजपा के बूथ अध्यक्ष विजय हाड़ी ने आरोप लगाया कि आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से कटमनी ली गई और सरकारी सुविधाओं का वादा कर उन्हें ठगा गया। उन्होंने कहा कि कई बार तस्वीरें लेने के बावजूद लोगों को तिरपाल नहीं मिला। इसी भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता सड़क पर उतरी है।
हालांकि नरहरी माझी के परिवार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनकी पत्नी शंकरी माझी ने कहा, 'अब भाजपा सत्ता में है, इसलिए हमें फंसाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही हमारे खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। योजनाबद्ध तरीके से घर का घेराव कर अशांति फैलाने की कोशिश की गई है।'
रिपोर्ट- बिज्जू मंडल
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