नई दिल्ली। झारखंड में अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, उसमें मौजूदा मुख्यमंत्रियों को अपनी सीट गंवानी पड़ी है। यही वजह है कि 19 साल में यह राज्य अब तक छह मुख्यममंत्री देख चुका है।
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जमशेदपुर पूर्व सीट से भाजपा के बागी नेता सरयू राय ने मुख्यमंत्री रघुवर दास पर जिस तरह से बढ़त बनाई है, उससे सवाल उठ रहा कि क्या रघुवर दास राज्य में मुख्यमंत्रियों की अपनी सीट गंवाने का मिथक तोड़ पाएंगे या फिर वह भी इस मिथक का हिस्सा बन जाएंगे।
हालांकि पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री के तौर पर रघुवर दास इतिहास जरूर रच चुके हैं।
वाजपेयी सरकार में वर्ष 2000 में झारखंड बना था। तब भाजपा ने राज्य की पहली सरकार बनाई थी और बाबूलाल मरांडी मुख्यमंत्री बने थे। मगर अगले चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद मुख्यमंत्री बने अर्जुन मुंडा, शिबू सोरेन, मधु कोड़ा, और हेमंत सोरेन भी बाद में अपनी सीट बचाने में सफल नहीं हुए। झारखंड 19 साल में छह मुख्यमंत्री देख चुका है।